चार्टर एक्ट 1793

चार्टर एक्ट 1793 (Charter Act 1793) : 1793 में चार्टर एक्ट को पारित किया गया। ये एक्ट लार्ड कार्नवालिस कार्यकाल के अंतिम दिनों में पारित हुआ था। 1773 में पारित हुए रेगुलेटिंग एक्ट तथा 1786 के पिट्स इण्डिया एक्ट में और सुधार कर 1793 में चार्टर एक्ट को पारित किया गया। इस एक्ट को ईस्ट इंडिया… Keep Reading

पिट्स इंडिया एक्ट 1784

पिट्स इंडिया एक्ट 1784 (Pitt’s India Act 1784) : 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट की प्रशासनिक त्रुटियों को समाप्त करने के लिए 1784 में पिट्स इंडिया एक्ट को पारित किया गया। ब्रिटिश सरकार ने 1773 में रेगुलेटिंग एक्ट पास कर ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार को कम करने की जो उम्मीद… Keep Reading

रेगुलेटिंग एक्ट 1773

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 (Regulating Act 1773) : ब्रिटिश संसद द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों के कारण बंगाल के कुप्रशासन से उपजी परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए एवं कंपनी के हाथों से राजनीतिक शक्ति छीनने के लिए ‘रेगुलेटिंग एक्ट 1773’ लाया गया था। भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की गतिविधियों को नियंत्रित करने की जरुरत ब्रिटिश… Keep Reading

व्यपगत सिद्धांत या लार्ड डलहौजी की राज्य हड़प नीति या गोद प्रथा निषेध की नीति

व्यपगत सिद्धांत या लार्ड डलहौजी की राज्य हड़प नीति या गोद प्रथा निषेध की नीति : व्यपगत सिद्धांत जिसे लार्ड डलहौजी की राज्य हड़प नीति या गोद प्रथा निषेध की नीति के नाम से भी जाना जाता है। इस निति का दुरप्रयोग कर अंग्रेजों ने भारतीय राज्यों और रियासतों को अपने अधीन किया था। वर्ष… Keep Reading

कर्नाटक का युद्ध 

कर्नाटक का युद्ध – कर्नाटक का युद्ध अंग्रेजों तथा फ्रांसीसियों के मध्य व्यापार को लेकर हुए संघर्ष थे। अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच तीन कर्नाटक युद्ध हुए। 17वीं तथा 18वीं शताब्दियों में अंग्रेजों तथा फ्रांसीसियों के मध्य व्यापार को लेकर संघर्ष जारी था। ये दोनों ही व्यापार को बढ़ाने और अधिकाधिक लाभ उठाने हेतु अग्रसर थे।… Keep Reading

सहायक संधि

सहायक संधि का जन्मदाता या सहायक संधि का जनक लॉर्ड वेलेजली को कहा जाता है। अपितु लॉर्ड वेलेजली सहायक संधि का सर्वप्रथम प्रयोग करने वाला व्यक्ति नहीं था। सहायक संधि का सर्वप्रथम प्रयोग फ्रांसीसी “डूप्ले” द्वारा किया गया था। लेकिन इस संधि का व्यापक प्रयोग लॉर्ड वेलेजली द्वारा किया गया इसलिए लॉर्ड वेलेजली को सहायक… Keep Reading

आंग्ल-मैसूर युद्ध 

आंग्ल-मैसूर युद्ध: मैसूर राज्य तथा अंग्रेजों के मध्य हुए संघर्ष को आंग्ल-मैसूर युद्ध के नाम से जाना जाता है। 1767-1799 के बीच कुल 4 युद्ध लड़े गए और इन आंग्ल-मैसूर युद्ध के पीछे कई कारण थे जिनमें से कुछ कारण निम्न हैं- हैदर अली के उत्कर्ष से अंग्रेज उसे अपने प्रमुख प्रतिद्वन्द्वी के रूप में… Keep Reading

हैदर अली का उत्कर्ष

हैदर अली का उत्कर्ष : हैदर अली का जन्म 1721 में बुढ़ीकोटा (कर्नाटक) में हुआ था। हैदर अली के पिता का नाम फतेह महोम्मद था और वह मैसूर राज्य की सेना में फौजदार थे। मैसूर का वास्तविक संस्थापक हैदर अली को कहा जाता है। हैदर अली 1761 में वह मैसूर का शासक बना। जब मैसूर… Keep Reading

प्लासी के युद्ध के उपरान्त बंगाल की स्थिति

प्लासी के युद्ध के उपरान्त बंगाल की स्थिति: प्लासी का युद्ध भारत के प्रमुख युद्धों में से एक है। यह युद्ध इस नजर से भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि यह वह पहला अवसर था जब अंग्रेजों ने खुलकर एक भारतीय शक्ति का विरोध किया और इसमें वे सफल भी रहे। 23 जून, 1757 को… Keep Reading

बंगाल का इतिहास

बंगाल का इतिहास: बंगाल का इतिहास यूँ तो सोलहवीं शताब्‍दी में मुगल काल के प्रारम्भ होने से भी पुराना है। जहाँ पर अनेक मुस्लिम राजाओं, सुल्तानों और बंगाल के नवाबों ने शासन किया। इन्हीं से जुड़े प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं उन्हीं को ध्यान में रखकर बंगाल के इतिहास की जानकारी यहाँ दी… Keep Reading

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