भारत में पायी जाने वाली भूगर्भिक चट्टानें

भारत में पायी जाने वाली भूगर्भिक चट्टानें :- धरातल के नीचे पायी जाने वाली चट्टानों को भूगर्भिक संरचना कहा जाता है। पृथ्वी के ठंडा होने से अब तक 6 प्रकार की चट्टानों का निर्माण हुआ है। इनका निर्माण अलग-अलग समय काल हुआ है। भारत के अलग-अलग भाग में अलग-अलग प्रकार की चट्टानें पायी जाती हैं।… Keep Reading

भारत के महत्वपूर्ण स्टील प्लांट

भारत के महत्वपूर्ण स्टील प्लांट :- भारत में वर्तमान समय में 600 से अधिक स्टील प्लांट हैं। इन सभी में छोटे-बड़े स्तर पर स्टील निर्माण का कार्य हो रहा है। भारत के प्रमुख शुरुआती स्टील प्लांट जिनका निर्माण भारत ने अन्य देशों की सहायता से किया है जिनका विवरण निम्नवत हैं, वर्तमान में भी ये उत्पादन… Keep Reading

भारत के प्रमुख खनिज, उनकी खानें एवं राज्य

भारत के प्रमुख खनिज, उनकी खानें एवं राज्य:- भारत में पाये जाने वाले प्रमुख खनिज, उनकी खानें एवं राज्य यहाँ दिए गए हैं। भारत में मुख्य रूप में लोहा, कोयला, मैंगनीज, तांबा, सोना एवं बाक्साइट आदि खनिज पाये जाते है । इन सभी खनिजों की प्रमुख खाना का विवरण नीचे दिया गया है। Mineral resources… Keep Reading

चट्टानों के प्रकार

चट्टानों के प्रकार:- चट्टान मुख्यतः तीन प्रकार की होती हैं – आग्नेय, अवसादी एवं कायांतरित। Types of rocks in Hindi Notes for UPSC and PCS. चट्टान या शैल (रॉक) किसे कहते हैं ? पृथ्वी की सतह के कठोर भाग को चट्टान या शैल कहते है। इसे उत्पत्ति के आधार पर तीन प्रकार में बाँटा गया… Keep Reading

पृथ्वी का वायुमण्डल (Atmosphere of Earth)

पृथ्वी का वायुमण्डल (Atmosphere of Earth) : पृथ्वी को जिस गैसीय आवरण ने ढ़क रखा है उसे पृथ्वी का वायुमण्डल कहते हैं। इसी वायुमंडल के कारण पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाता है। वायुमण्डल ही सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करता है और ग्रीनहाउस प्रभाव द्वारा दिन व रात के धरातलीय… Keep Reading

सौर मंडल (Solar System)

सौर मंडल : सौर मंडल (Solar System) में कुल 8 ग्रह और एक सूर्य है। सूर्य हमारे सौर मंडल के केन्द्र में स्थित है तथा ये सौर मंडल का सबसे बड़ा तारा भी है। सभी ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते है। इन सभी ग्रहों को आन्तरिक एवं बाह्य ग्रहों में विभाजित किया गया है।… Keep Reading

उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम गलियारा

उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम गलियारा (North-South and East-West Corridor (NS-EW)) : उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम गलियारा, जम्मू और कश्मीर के ‘श्रीनगर’ को तमिलनाडु के ‘कन्याकुमारी’ से जोड़ने वाला ‘उत्तर-दक्षिण गलियारा’ तथा असम के ‘सिलचर’ को गुजरात के ‘पोरबन्दर’ से जोड़ने वाला पूर्व-पश्चिम गलियारा है। उत्तर-दक्षिण तथा पूर्व-पश्चिम गलियारे का संगम उत्तर प्रदेश के झाँसी में होगा। झाँसी… Keep Reading

स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना

स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना (Golden Quadrilateral Project) : स्वर्णिम चतुर्भुज योजना वर्ष 1999 में शुरू हुई थी लेकिन निर्माण कार्य आधिकारिक तौर पर 2001 में शुरू हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सबसे बड़े राजमार्ग की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना’ की शुरुआत की थी। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना (Golden Quadrilateral) स्वर्णिम चतुर्भुज… Keep Reading

राष्ट्रीय राजमार्ग की नंबरिंग की प्रक्रिया

राष्ट्रीय राजमार्ग की नंबरिंग की प्रक्रिया (National Highway Numbering Process) :- जानें भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग की नंबरिंग की प्रक्रिया कैसे की जाती है। Details of National Highway numbering process in India in Hindi. सभी उत्तर से दक्षिण उन्नमुख (Vertical या लम्बवत) राजमार्गों को सम (even) संख्या दी जाती है। ये संख्या पूर्व से पश्चिम… Keep Reading

भारत का राष्ट्रीय सड़क परिवहन तंत्र

भारत का राष्ट्रीय सड़क परिवहन तंत्र :- भारत का राष्ट्रीय सड़क परिवहन तंत्र विश्व का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा सड़क परिवहन तंत्र है। सड़क परिवहन किसी भी देश के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा होता है। National Road Transport System of India notes in Hindi. भारत में सड़क यातायात देश की कुल… Keep Reading

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