Budget notes in Hindi for UPSC

बजट (Budget)

बजट का अर्थ, बजट क्या है ? बजट क्या है इन हिंदी, बजट के प्रकार बताइए, बजट के प्रकार लिखिए, बजट की परिभाषा, आदि प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं। Budget notes in Hindi for UPSC, PCS –

बजट (Budget)

“बजट (Budget)” शब्द फ्रेंच भाषा के “बोगेट” शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ होता है “चमड़े का थैला”। भारतीय संविधान में बजट शब्द का उल्लेख नहीं है उसकी जगह अनुच्छेद 112 में “वार्षिक वित्तीय विवरण” शब्द का प्रयोग किया गया है। बजट एक सरकार की राजकोषीय नीति(Fiscal Policy) का लेख पत्र होता है। राष्ट्रपति की सहमति से वित्तमंत्री लोकसभा में वित्तीय वर्ष के लिए बजट प्रस्तुत करता है। बजट को समझने के लिए धन विधेयक तथा वित्तीय विधेयक के बारे में जानना आवश्यक है।

धन विधेयक (Money Bill)

बजट को संसद में धन विधेयक (Money Bill)के रूप में रखा जाता है 

  • संविधान के अनुच्छेद 110 में इसका उल्लेख है। 
  • धन विधेयक को लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जाता है। 
  • कोई विधेयक, धन विधेयक है या नहीं इसका निर्णय लोकसभा का सभापति करता है।
  • संचित निधि (Consolidated Fund) से धन को निकालना, जमा करना, उधार लेना या देना हो,  नए करों को लगाना या पुराने करों को हटाना सम्बन्धी सभी मामले धन विधेयक के अंतर्गत आते हैं।

बजट (Budget)

वित्त विधेयक (Finance Bill)

इसमें नए करों को लागू करना तथा पुराने करों में परिवर्तन करने सम्बन्धी प्रस्ताव  वित्त विधेयक के अंतर्गत आते हैं। इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 117 में किया गया है। सभी धन विधेयक, वित्त विधेयक होते हैं परन्तु हर वित्त विधेयक का धन विधेयक होना अनिवार्य नहीं है। साधारण शब्दों में धन से सीधा सम्बन्ध रखने वाले सभी मामले धन विधेयक के अंतर्गत आते हैं जबकि अन्य मामले जो सीधी तरह से धन सम्बन्धी नहीं होते परन्तु अर्थव्यवस्था से सम्बन्धित होते वित्त विधेयक के अंतर्गत आते हैं। 

बजट का निर्माण

भारत का वित्तमंत्री तथा वित्त सचिव बजट को तैयार करते हैं। संसद द्वारा बजट पास किये जाने तक सरकारी खर्चों को लेखानुदान के तहत प्राप्त किया जाता है, इस प्रक्रिया का उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 116 में किया गया है। जिस दिन बजट लोकसभा में प्रस्तुत होता है उसी दिन राज्य सभा में भी प्रस्तुत किया जाता है।

 रेल बजट को आम बजट से वर्ष 1924 में एकवर्थ कमेटी की सिफारिशों के तहत अलग कर दिया गया था। अंतिम बार अलग-अलग 2016 में प्रस्तुत किया गया था। 1 फरवरी 2017 को फिर से आम बजट के साथ प्रस्तुत किया गया । 

बजट के प्रकार (Types of Budget)

निष्पादन बजट (Performance Budget)

चालू वित्तीय वर्ष के परिमाणों को आधार मानकर अगले वर्ष का बजट तैयार करना निष्पादन बजट कहलाता है। इस बजट प्रक्रिया को सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र अमेरिका द्वारा अपनाया गया था। भारत में इसे उपलब्धि या कार्यपूर्ति बजट के नाम से भी जाना जाता है। 

शून्य बजट (Zero Budget System)

शून्य बजट में पुराने वर्ष के व्ययों पर विचार नहीं किया जाता है तथा न ही उनमें कुछ सुधार किया जाता है। इसमें बिल्कुल ही नए सिरे से एक नया बजट तैयार किया जाता है। इसे Sunset Budget भी कहा जाता है। वर्तमान समय में भारत के लगभग सभी राज्य इसी प्रणाली पर आधारित बजट निर्माण करते हैं।

परिणामोन्मुखी बजट (Outcome Based Budget)

इस प्रक्रिया में देश के हर तिमाही में चालू वित्तीय वर्ष की समीक्षा करना तथा प्रत्येक मंत्रालयों और विभागों को पिछले वित्तीय वर्ष में कितनी धनराशि आवंटित हुई थी और उसका उपयोग कैसे किया गया के आधार पर बजट तैयार किया जाता है। भारत में इसका पहली बार प्रयोग वर्ष 2005 में किया गया।

लैंगिक बजट (Gender Budget)

महिलाओं के विकास एवं शिशु कल्याण से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए प्रतिवर्ष एक निर्धारित राशि सुनिश्चित की जाती है तथा इसका पूरा उल्लेख लैंगिक बजट में किया जाता है। 

बजट सम्बन्धी अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  • विश्व का पहला बजट 1733 में प्रो0 फिलिप ने ब्रिटेन में प्रस्तुत किया था।
  • भारत का पहला बजट 1860 में सर जेम्स विल्सन ने प्रस्तुत किया था।
  • स्वतंत्र भारत का पहला बजट 1947 में आर के शनमुखम चेट्टी ने प्रस्तुत किया था।
  • गणतंत्र भारत का पहला बजट 1950 में जॉन मथाई ने प्रस्तुत किया था।
  • भारत में सबसे अधिक 10 बार बजट मोरारजी देसाई ने प्रस्तुत किया है। इसमें से 8 बार आम बजट तथा 2 बार अंतरिम बजट(कम अवधि के लिए) था।
  • प्रधान मंत्री रहते हुए वित्तमंत्री के पद पर भी रहे-
    • जवाहर लाल नेहरू
    • इंदिरा गांधी 
    • राजीव गाँधी
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