भारत की प्रमुख दलहन एवं तिलहन फसलें

भारत की प्रमुख दलहन एवं तिलहन फसलें

भारत की प्रमुख दलहन एवं तिलहन फसलें :- भारत की शाकाहारी जनसंख्या की प्रोटीन की आपूर्ति का प्रमुख स्रोत दलहन फसलें ही हैं। भारत के सभी कृषि आयातों से दालें प्रथम स्थान पर है। दलहन फसलों के सम्बन्ध में कुछ प्रमुख बाते निम्नवत हैं- (Major Pulses and Oilseed Crops of India notes in Hindi)

भारत की प्रमुख दलहन फसलें

  • सभी दलहनी फसलें लेग्यूमिनेसी कुल की फसलें होती है। इस कुल की फसलों की प्रमुख विशेषता यह होती है कि इनकी जड़ों की ग्रन्थियों में राइजोबियम नामक जीवाणु पाया जाता है, जोकि वायुमण्डल की नाइट्रोजन को नाइट्रेट में परिवर्तित कर मृदा की उर्वरता बढ़ता है।
  • दलहन की फसलें फसल चक्र में सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
  • भारत की प्रमुख दलहन फसलें निम्नवत है-
    1. रबी ऋतु की फसलें- अरहर, चना, मटर, मसूर।
    2. खरीफ ऋतु की फसलें- सोयाबीन, मूंग, उड़द, लोबिया।
    3. जायद ऋतु की फसलें- सोयाबीन, मूंग, उड़द।
  • जिन क्षेत्रों में सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध होते हैं वहां पर दलहन फसलें जायद ऋतु में भी उगायी जाती हैं। अतः भारत में दलहनी फसलें तीनों फसल ऋतु में उगायी जाती हैं।
  • दलहन फसलों का सर्वाधिक उत्पादन मध्य प्रदेश में होता है। फसलवार उत्पादन में राज्यों का स्थान निम्नवत है-
    1. सोयाबीन- मध्य प्रदेश
    2. चना- मध्य प्रदेश
    3. अरहर- महाराष्ट्र
    4. मसूर- उत्तर प्रदेश
  • दलहन फसलों में सबसे अधिक प्रोटीन सोयाबीन में पाया जाता है –
    1. प्रोटीन- 40%
    2. तेल- 20%
  • विश्व में सोयाबीन का सबसे अधिक उत्पादन यू०एस०ए० तथा ब्राजील में होता है।
  • भारत में दलहन फसलों में सबसे अधिक उत्पादन सोयाबीन की फसल का ही होता है।

भारत की प्रमुख तिलहन फसलें

जिन फसलों से तेल की प्राप्ति की जाती है, उन्हें तिलहन फसलों के अन्तर्गत रखा जाता है। यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि कुछ फसलें जैसे सोयाबीन, तिलहन एवं दलहन दोनों के अंतर्गत आती है। भारत का तिलहन उत्पादन में विश्व में तीसरा स्थान है।

  • प्रमुख तिलहन फसलें अग्रलिखित हैं-
    • सोयाबीन
    • मूंगफली
    • सरसों
    • सूरजमुखी
    • नारियल
    • कुसुम
  • भारत में प्रमुखतः तिलहन फसलों का उत्पादन उन ही स्थानों पर किया जाता है जहां की भूमि कम उपजाऊ तथा वार्षिक वर्षा की मात्रा भी कम होती है। इसका प्रमुख कारण यह है कि तिलहन की फसलों को अधिक सिंचाई की आवश्यकता नहीं होता तथा अधिक उपजाऊ क्षेत्र में खाद्यान फसलों को उगाया जाता है।
  • कुल बोये गए फसलों के क्षेत्रफल के अनुसार खाद्यान फसलों के बाद तिलहन फसलों का स्थान दूसरा है।
  • तिलहन उत्पादन में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य है।
  • प्रमुख तिलहन फसलों का ऋतुवार विवरण निम्नलिखित है-
    • रबी- सरसो।
    • खरीफ- मूंगफली, सोयाबीन।
  • भारत में तिलहन में सर्वाधिक उत्पादन सोयाबीन का फिर मूंगफली का होता है।
  • तिलहन की फसलों के रासायनिक तथ्य-
  • सूरजमुखी- इसमें 64% लिनोलिक अम्ल पाया जाता है जोकि मानव शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम करने में सहायक होता है।
  • सरसों- सरसों के तेल में तीखापन आइसोथियोसाइनेट के कारण होता है। सरसों की कुछ प्रजातियों में एरूसिक अम्ल पाया जाता है जोकि मानव शरीर के लिए हानिकारक होता है।
  • भारत के तिलहन उत्पादन में अग्रणी राज्य निम्नलिखित है-
    • सोयाबीन- मध्य प्रदेश
    • मूंगफली- गुजरात
    • सरसों- राजस्थान
    • सूरजमुखी- कर्नाटक
    • नारियल- तमिलनाडु
    • कुसुम- महाराष्ट्र
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