भारत में कोयला भण्डार

भारत में कोयला भण्डार

भारत में कोयला भण्डार (Coal reserves in India Important Notes in Hindi for UPSC & PCS):- भारत में कोयले का वर्तमान भण्डार 285 अरब टन का है। कोयला उत्पादन में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है अन्य अग्रणी देश क्रमशः निम्नवत हैं-

    1. चीन
    2. यू०एस०ए
    3. भारत
  • भारत में निकाले गये कोयला में से 67% कोयला ताप विद्युत बनाने में प्रयोग किया जाता है।
  • भारत में कोयले का निष्कर्षण Coal India Ltd. द्वारा किया जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1975 में की गयी थी।
  • आधुनिक तरीके से कोयला निकालने का प्रथम प्रयोग रानीगंज (पश्चिम बंगाल) में किया गया था।
  • भारत में सर्वाधिक कोयला खाने झारखण्ड राज्य में हैं।

भारत के शीर्ष तीन कोयला भण्डार वाले राज्य हैं-

    1. झारखण्ड
    2. ओड़िशा
    3. छत्तीसगढ़

कोयले के प्रकार

कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयला 4 प्रकार का होता हैं –

1. एन्थ्रेसाइट (Anthracite)

  • एन्थ्रेसाइट कोयले में कार्बन की मात्रा 85% से अधिक होती है।
  • भारत में केवल कारगिल क्षेत्र की टर्शियरी चट्टानों में एन्थ्रेसाइट कोयला पाया जाता है।

2. बिटुमिनस (Bituminous)

  • बिटुमिनस कोयले में कार्बन की मात्रा 55% से 65% के मध्य होती है।
  • बिटुमिनस कोयला गोंडवाना युगीन कोयला है तथा भारत का 90% से अधिक कोयला यही है।
  • मुख्यतः पूर्वी भारत के 4 राज्यों झारखण्ड़, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़ में बिटुमिनस कोयला पाया जाता है।

3. लिग्नाइट (Lignite)

  • लिग्नाइट कोयले में कार्बन की मात्रा 45% से 55% के मध्य होती है।
  • लिग्नाइट कोयले को भूरा कोयला भी कहा जाता है।
  • लिग्नाइट कोयला भारत में सर्वाधिक मात्रा में तमिलनाडु के नेवेली क्षेत्र में पाया जाता है। इसके अलावा असम के माकूम एवं राजस्थान के पलना में भी कुछ मात्रा में पाया जाता है।

4. पीट (Peat)

  • पीट कोयले में कार्बन की मात्रा 45% से कम होती है।
  • पीट कोयले को एक निम्न श्रेणी का कोयला है।
  • पीट कोयला दलदली क्षेत्रों में पाया जाता है।

भारत में पाया जाने वाला अधिकांश कोयला गैर-कोकिंग श्रेणी का है।

  • कोकिंग श्रेणी का कोयले में कार्बन की मात्रा अधिक तथा नमी कम होती है।
  • लोह-इस्पात उद्योग में कोकिंग कोयले का ही प्रयोग किया जाता है।
  • भारत कोकिंग कोयले को चीन एवं ऑस्ट्रेलिया से आयात करता है।

भारत में कोयला कितने प्रकार की चट्टानों में पाया जाता है

भारत में कोयला 2 प्रकार की चट्टानों में पाया जाता है –

1. गोड़वाना चट्टानों में

  • भारत का कुल कोयले का 98% भाग इन्ही चट्टानों में पाया जाता है।
  • इसमें पाया जाने वाला अधिकांश कोयला बिटुमिनस श्रेणी का है।
  • प्रमुखतः छोटा नागपुर पठार वाले क्षेत्र में 4 राज्यों झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, ओड़िशा एवं छत्तीसगढ़ में पाया जाता है।

2. टर्शियरी चट्टानों में

  • भारत का कुल कोयले का केवल 2% भाग ही इन चट्टानों में पाया जाता है।
  • इसमें पाया जाने वाला अधिकांश कोयला एन्थ्रेसाइट श्रेणी का है।
  • प्रमुख रूप से कारगिल की टर्शियरी चट्टानों में एन्थ्रेसाइट कोयला पाया जाता है।

भारत में स्थित नदी घाटी कोयला क्षेत्र

भारत में कोयला प्रमुखतः दक्षिण भारत की नदी घाटियों में पाया जाता है –

1. दामोदर नदी घाटी कोयला क्षेत्र

  • झारखण्ड तथा पश्चिम बंगाल में फैला है।
  • रानीगंज कोयला क्षेत्र पश्चिम बंगाल में है। देश का 35% कोयला उत्पादन यहीं से होता है।
  • झारखण्ड में झरिया कोयला क्षेत्र धनबाद जिले में, बोकारो कोयला क्षेत्र हजारीबाग जिले में तथा गिरिडीह कोयला क्षेत्र स्थित हैं।

2. सोन नदी घाटी कोयला क्षेत्र

  • मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में फैला है।
  • सिंगरौली कोयला क्षेत्र तथा सोहागपुर कोयला क्षेत्र मध्य प्रदेश में स्थित है।
  • तातापानी कोयला क्षेत्र एवं रामकोला कोयला क्षेत्र छत्तीसगढ़ में स्थित है।

3. महानदी घाटी कोयला क्षेत्र

  • छत्तीसगढ़ तथा ओड़िशा में फैला है।
  • कोरबा कोयला क्षेत्र छत्तीसगढ़ में स्थित है।

4. ब्राह्मणी नदी घाटी कोयला क्षेत्र

  • ओड़िशा में तालचेर कोयला क्षेत्र इसी के अंतर्गत आता है।

5. गोदावरी नदी घाटी कोयला क्षेत्र

  • आंध्र प्रदेश में सिंगरैनी कोयला क्षेत्र इसी के अंतर्गत आता है।
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