भारत में जल विद्युत

भारत में जल विद्युत

  • भारत में नदियों में अनुमानित कुल जलविद्युत क्षमता 145000MW है।
  • अगस्त-2020 तक देश में जलविद्युत की स्थापित क्षमता 45699MW है। जोकि देश की कुल स्थापित क्षमता का 12.3% है।
  • जल विद्युत एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। इसके साथ ही यह पर्यावरण सहयोगी ऊर्जा स्रोत भी है।
  • जल विद्युत को श्वेत कोयला भी कहा जाता है।
  • बड़ी जलविद्युत परियोजनाए परम्परागत स्रोत के अंतर्गत आती है क्योकि बड़ी जलविद्युत परियोजनाए पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी को हानी पहुँचाती है। परन्तु छोटी जलविद्युत परियोजनाए(25MW या उससे कम) गैर-परम्परागत स्रोत के अंतर्गत रखी जाती है।
  • देश में सर्वाधिक जलशक्ति विभव, ब्रह्मपुत्र बेसिन में उपस्थित है। इसके बाद प्रायद्वीपीय भारत की पूर्व की ओर बहने वाली नदियां आती हैं।
  • देश में सर्वाधिक जल शक्ति का विकास प्रायद्वीपीय भारत में ही हुआ है।
  • विषम धरातल एवं उपभोग केंद्रों(बड़े शहर) से दूरी के कारण हिमालय क्षेत्र में जल शक्ति का सीमित विकास ही हो पाया है।
  • देश में प्रथम जलविद्युत संयंत्र दार्जिलिंग के सिद्रपोंग में 1897 में स्थापित हुआ, इसकी क्षमता 130 किलोवाट थी । इसके बाद कर्नाटक के शिवसमुद्रम(कावेरी नदी पर) में 1902 में दूसरा जल विद्युत संयंत्र स्थापित किया गया।
  • देश में सर्वाधिक जलशक्ति की संस्थापित क्षमता वाला राज्य आंध्र प्रदेश है। जबकि सर्वाधिक जलविद्युत का उत्पादन हिमाचल प्रदेश में होता है।
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