भारत में बढ़ती गरीबी एवं बेरोजगारी के मुख्य कारण

भारत में बढ़ती गरीबी एवं बेरोजगारी के मुख्य कारण

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गरीबी क्या है ? ( What is poverty in hindi )

गरीबी वह समस्या है जिसमें व्यक्ति अपने एवं अपने परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर पाता। गरीब व्यक्ति रोटी, कपड़ा, मकान आदि की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ होता है। गरीबी का मुख्य कारण शिक्षा में कमी, शारीरिक स्वास्थ्य एवं बेरोजगारी को माना जाता है। भारत में गरीबी की समस्या बेहद भयावह समस्या होती जा रही है। जिसके फलस्वरूप भारत की अर्थव्यवस्था दिन प्रति दिन प्रभावित होती है। भारत में आय एवं उपभोग के आधार पर गरीबी के स्तर का आकलन किया जाता है। भारत के कई ग्रामीण क्षेत्रों में कम उत्पादकता एवं बेरोजगारी के कारण गरीबों की संख्या में वृद्धि हुई है।

बेरोजगारी क्या है ? ( What is unemployment in hindi )

जब किसी वर्ग या व्यक्ति को सक्रिय एवं शिक्षा में कुशल होने के बावजूद रोजगार नहीं मिल पाता तो इस अवस्था को बेरोजगारी कहते हैं। बेरोजगारी की स्थिति में व्यक्ति अपनी क्षमता का सदुपयोग नहीं कर पाता। भारत में शिक्षित बेरोजगारी की दर अन्य देशों से कहीं अधिक है। जिस समाज के शिक्षित व्यक्तियों को रोजगार नहीं मिल पाता उस स्थिति को शिक्षित बेरोजगारी कहते हैं।

भारत में बढ़ती गरीबी एवं बेरोजगारी के मुख्य कारण ( The main causes of increasing poverty and unemployment in India in hindi )

भारत में गरीबी एवं बेरोजगारी की समस्या में वृद्धि होने के मुख्य कारण हैं निरक्षरता एवं बढ़ती जनसंख्या। भारत में तेजी से बढ़ रहे जनसंख्या के कारण रोजगार के अवसरों में कमी हो रही है जिसके कारण बेरोजगारी एवं गरीबी की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। भारत में श्रमिकों की संख्या में वृद्धि होने से बेरोजगारों की संख्या बढ़ रही है जिसके परिणाम स्वरूप देश में गरीबी जैसे समस्या उत्पन्न हो रही है।

निरक्षरता (illiteracy)

किसी विशिष्ट विषय या क्षेत्र में अज्ञानता एवं ज्ञान की कमी को निरक्षरता कहते हैं। निरक्षरता शब्द का सीधा एवं सरल अर्थ है अनपढ़ होना। भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में निरक्षरता की समस्या शहरी इलाकों से कहीं अधिक है। निरक्षर होना किसी भी देश एवं समाज के लिए सबसे बड़ा अभिशाप होता है। निरक्षर होने के दो मुख्य कारण होते हैं पहला शिक्षा के महत्व को न जानना एवं दूसरा गरीबी। इसके अलावा भारत में शिक्षण संस्थानों में जाति की भावना से भी शिक्षा प्रणाली प्रभावित होती है जिसके कारण देश में कई विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने में असमर्थ होते हैं। भारत के संविधान में सभी के लिए शिक्षा का समान अधिकार है जिससे संपूर्ण भारत भली-भांति परिचित है। अशिक्षित व्यक्तियों में सही-गलत को समझने की क्षमता नहीं होती जिसके कारण देश में गरीबी एवं बेरोजगारी की समस्या में वृद्धि होती है।

जनसंख्या में तेजी से वृद्धि या जनसंख्या विस्फोट (rapid increase in population)

देश में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या के कारण गरीबों एवं बेरोजगारों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। बढ़ती जनसंख्या को गरीबी एवं बेरोजगारी का प्रमुख कारक माना जाता है। स्वतंत्रता के बाद से ही जनसंख्या देश के लिए एक समस्या बनी हुई है जिसके नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा समय-समय पर कई प्रयास किये जाते रहे हैं। इसके बावजूद देश की जनसंख्या पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है। देश की बढ़ती जनसंख्या को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर कई प्रकार के अभियान चलाये जाते रहे हैं परंतु इसके बावजूद भी देश में जनसंख्या दर तेजी से बढ़ रही है जिसके फलस्वरूप देश में गरीबी एवं बेरोजगारी की समस्या में वृद्धि हुई है।

पढ़ें भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण, निवारण एवं नियंत्रण

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