महिला उत्पीड़न के कारण एवं महिला उत्पीड़न के प्रकार

महिला उत्पीड़न के कारण एवं महिला उत्पीड़न के प्रकार

महिला उत्पीड़न के कारण ( mahila utpidan ke karan ) एवं महिला उत्पीड़न के प्रकार : महिलाओं के संदर्भ में समाज में दो प्रकार के दृष्टिकोण पाए जाते है पहले दृष्टिकोण समाज में महिलाओं को सम्मान व पुरुषों के समान प्रस्थिति दिलाने के पक्ष में होता है वे महिलाओं को शक्ति व संपत्ति का प्रतीक मानते है तथा दूसरा दृष्टिकोण में महिलाओं को पुरुषों से निम्न दर्जा दिया जाता है एवं उन्हें पुरुषों के अपेक्षा सभी अधिकारों से वंचित रखा जाता है।

महिलाओं को उत्पीड़ित करके उनका बलात्कार, यौन शोषण तथा उनके साथ जानवरों से भी बुरा व्यवहार किया जाता है। Reasons for female harassment and types of female harassment in India in hindi.

महिलाओं के प्रति हो रहे उत्पीड़न निम्नलिखित है –

  • बलात्कार
  • दहेज़ प्रथा
  • कन्या भ्रूण हत्या
  • घरेलू हिंसा अत्याचार
  • भगा कर ले जाना या अपहरण करना
  • यौन इच्छाओं की पूर्ति के लिए छेड़छाड़
  • अनैतिक व्यवहार

महिलाओं पर किए जाने वाले अत्याचारों एवं दुर्व्यवहारों को देख प्रसिद्द लेखक मैथिलीशरण गुप्त ने महिलाओं के लिए कुछ इस तरह की पंक्तियाँ लिखी है –

नारी जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी, आँचल में दूध और आँखों में पानी। 

महिला उत्पीड़न परिभाषा – महिला उत्पीड़न से तात्पर्य महिलाओं के प्रति हिंसा से है। महिलाओं के निकट रिश्तेदारों जैसे – माता-पिता, भाई-बहन, सास-ससुर या परिवार के किसी भी सदस्य या अन्य व्यक्तियों द्वारा किया जाने वाला हिंसात्मक व्यवहार एवं अत्याचार जो नारी को शारीरिक व मानसिक रूप से आघात पहुंचाता हो महिला उत्पीड़न कहलाता है।

महिला उत्पीड़न के प्रकार –

  1. इस उत्पीड़न का उद्देश्य धन प्राप्त करना हो जैसे – दहेज के लिए महिला को ससुराल के सदस्यों के द्वारा मरना या पीटना।
  2. इस उत्पीड़न का उद्देश्य कमजोर महिला पर सत्ता स्थापित करने से है।
  3. इस उत्पीड़न के माध्यम से महिलाओं से यौन सुख प्राप्ति के लिए उनका शोषण किया जाता है।
  4. इस उत्पीड़न का कारण तनावपूर्ण पारिवारिक परिस्थितियां उत्पन्न करने से है जिससे महिलाओं का  मानसिक तौर पर शोषण किया जाता है।

महिला उत्पीड़न के कारण –

पुरुष प्रधानता

भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के लगभग सभी समाजों में पुरुषों की प्रधानता पाई जाती है क्योंकि पुरुषों को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। परन्तु पुरुष अपनी शक्ति एवं श्रेष्ठता के लोभ में आकर पुरुष खुद को महिलाओं से अधिक शक्तिशाली सिद्ध करने के लिए महिलाओं पर वे सभी अत्याचार करते है जिससे महिलाएं कमजोर ही रही हैं उनकी बातों और अधिकारों को कम ही तवज्जो दी जाती है, अतः समाज में पुरुष प्रधानता होना भी महिला उत्पीड़न का कारण है।

स्त्रियों का पुरुषों पर आर्थिक निर्भरता व शिक्षा का अभाव

हमारे समाज में महिलाओं को बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक पुरुषों की अपेक्षा बहुत से अधिकारों से वंचित रखा जाता है जिसमें एक अधिकार है शिक्षा। महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखने के कारण वे स्वतंत्र नहीं हो पाती और उन्हें खुद के अधिकारों की पूर्ण जानकारी न होने के कारण वे जीवनपर्यन्त पुरुष पर ही निर्भर रहती है। जीवनपर्यन्त पुरुषों में निर्भर रहने की वजह से महिलाओं के जीवन में अनेक भय, आशंकाएं और हादसों  से भरा रहता है अर्थात पुरुषों में निर्भरता भी महिला के उत्पीड़न का कारण है।

सामाजिक कुप्रथाएं

भारतीय समाज की सबसे बड़ी समस्या है यहाँ प्रचलित विभिन्न कुप्रथाएं। इन कुप्रथाओं में बाल विवाह, परदा प्रथा, सती प्रथा, विधवा पुनर्विवाह का अभाव आदि प्रमुख हैं जो महिला का उत्पीड़न का कारण है। समाज में प्रचलित इन कुप्रथाओं का शिकार अधिकांशतः महिलाएं ही होती है जो महिलाओं को आतंरिक व वाह्य रूप से कमजोर बना देती है। हालाँकि की समय के साथ कई कुप्रथा कम होती जा रही हैं और महिलाओं को उनके अधिकार मिल रहे हैं।

संचार माध्यमों के माध्यम से दिखाई जा रही नारी छवि

महिलाओं के उत्पीड़न का एक कारण संचार माध्यम भी है जिनके द्वारा फिल्मों तथा विदेशी चैनलों के माध्यम से महिलाओं की बुरी छवि को प्रदर्शित किया जाता है। जिससे समाज के सभी लोगों में इसका कुप्रभाव पड़ता है और महिलाओं की छवि बुरी होने पर समाज में उनका उत्पीड़न होना आरम्भ हो जाता है।

उचित न्याय व्यवस्था का अभाव

भारत में पिछले एक दशक में महिलाओं में जितने भी अत्याचार हुए है उनके केवल 12 से 20 प्रतिशत मामलों में सुनवाई हुई है बाकि के केसों में कोई सुनवाई नहीं हुई है। महिलाओं को न्याय न मिलने और उनके अपराधियों को उचित सजा न मिलने के कारण वर्तमान में महिलाओं पर अत्याचार खुलेआम तौर पर हो रहे है और यह स्थिति न केवल महिलाओं को अपितु सम्पूर्ण समाज को कमजोर बनाती है। अतः न्याय की उचित व्यवस्था न होना भी महिला उत्पीड़न का एक प्रमुख कारण बन गया है।

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