महिला हिंसा का कारण

महिला हिंसा का कारण

महिला हिंसा का कारण (Cause of female violence in hindi) : महिलाओं के प्रति हिंसा से तात्पर्य महिलाओं के प्रति उनके निकट रिश्तेदारों जैसे- माता-पिता, भाई-बहन या ससुराल के किसी भी सदस्य या अन्य किसी व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला हिंसात्मक व्यवहार व उत्पीड़न जो महिला को शारीरिक एवं मानसिक रूप से आघात पहुँचाता है महिला हिंसा कहलाता है। महिला हिंसा के अंतर्गत महिलाओं को पीटना, गर्भ में ही बच्ची की मृत्यु कर देना, तनावपूर्ण स्थिति पैदा करना, महिला का अपहरण, दहेज़ के लिए हत्या, महिला पर अत्याचार करना व किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार करना जिससे महिला को कष्ट हो ये सभी कार्य सम्मिलित होते है।

महिला हिंसा की परिभाषा – किसी भी महिला से प्रत्यक्ष या परोक्ष बल का प्रयोग करके उससे कुछ लेना जिसे वह अपनी इच्छा से देना न चाहती हो या जिससे उसे शारीरिक, मानसिक या भावनात्मक रूप से दुःख पहुंचे महिला हिंसा कहलाता है।

भारत में महिलाओं का उत्पीड़न प्राचीनकाल से ही हो रहा है जिसका प्रमाण हमें प्राचीन धर्म ग्रंथों एवं पुस्तकों में मिलता है। समाज में प्रचलित रीति-रिवाज, प्रथाएं एवं विचारधाराएं महिला हिंसा का प्रमुख का कारण रही है। महिलाओं में हिंसा के बहुत से कारण है वे निम्नलिखित है –

महिला हिंसा के प्रमुख कारण (Cause of female Violence in hindi) –

  • पुरुष की प्रधानता

पुरुष अपनी श्रेष्ठता एवं शक्ति का प्रदर्शन कराने के लिए स्त्री पर कई अत्याचार करता है क्योंकि पुरुष को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। पुरुषों की प्रधानता न केवल भारतीय समाज में अपितु विश्व के लगभग सभी देशों में पाई जाती है जिसका दुरुपयोग करके पुरुष महिलाओं पर अत्याचार करते है और महिला हिंसा का कारण बनते है।

  • पुरुषों पर निर्भरता

महिलाएं बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक पुरुषों पर आर्थिक रूप से निर्भर रहती है और इसी वजह से उन्हें जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। महिला में आत्मरक्षा एवं स्वावलंबन के विकास की परवाह न तो वह स्वयं कर पाती है और न ही समाज करता है और यही कारण है की महिलाओं के ऊपर इतने अत्याचार होते है और वह इन अपराधों को सहने के लिए विवश हो जाती है।

  • सामाजिक कुप्रथाएं

भारतीय समाज में अनेक ऐसी प्रथाएं प्रचलित है जिनकी वजह से महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को प्रोत्साहन मिलता है। इन कुप्रथाओं में सती प्रथा, विधवा पुनर्विवाह पर रोक, बाल विवाह आदि सम्मिलित है और अधिकांशतः इन कुप्रथाओं की शिकार महिलाएं ही बनती है, अतः सामाजिक कुप्रथाएं महिला हिंसा का एक प्रमुख कारण है।

  • शिक्षा का अभाव

महिलाओं में शिक्षा का अभाव होने के कारण भी यह स्थिति महिला हिंसा का कारण बनती है। महिलाएं अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों को चुपचाप सह लेती है क्योंकि उन्हें अपने अधिकारों का उचित ज्ञान नहीं होता है। यदि महिलाओं को शिक्षा के माध्यम से उन पर हो रहे अत्याचारों का सामना करने व अत्याचारों का विरोध करने संबंधी ज्ञान दिया जाए तो वे अपने प्रति हो रही हिंसा का विरोध कर सकेगी। अतः यह कहा जा सकता है कि महिलाओं के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है व शिक्षा का अभाव महिला हिंसा का एक बहुत बड़ा कारण है।

  • समाज में नारी की छवि प्रस्तुति

वर्तमान में संचार जैसे – फिल्म या विदेशी चैनलों के माध्यम से समाज में महिलाओं की अच्छी छवि प्रस्तुत नहीं की जाती है जिससे समाज में रहने वाली सभी महिलाओं को लोग उसी नजरिए से देखते हैं और उनके उसी प्रकार का व्यवहार करते है, जिस तरह का फिल्मों में दिखाया जाता है, अर्थात समाज में महिला की बुरी छविप्रस्तुति भी महिला हिंसा का कारण है।

पढ़ें – घरेलू हिंसा क्या है, घरेलू हिंसा के विभिन्न रूप, घरेलू हिंसा के कारण

प्रातिक्रिया दे

Your email address will not be published.

*