करेंट अफेयर्स (04 मार्च -11 मार्च 2017)

1. देश के पहले आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) आधारित बैंकिंग चैटबॉट (Banking Chatbot) “ईवा” (‘Eva’) जिसे एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने 5 मार्च 2017 को लाँच किया। 
विस्तार: “ईवा” (‘Eva’) निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) द्वारा लाँच किए गए देश के पहले आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस आधारित बैंकिंग चैटबॉट को दिया गया नाम है। “ईवा” का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक वर्चुअल असिस्टेंट (‘Electronic Virtual Assistant’) तथा यह प्रणाली तमाम प्रकार के चैनल्स की मदद से बैंक के लाखों ग्राहकों को विभिन्न प्रकार की जानकारियां उपलब्ध करा सकने में सक्षम है। इसे चैटबॉट (Chatbot) इसलिए कहा जाता है क्योंकि चैटिंग (Chatting) करने वाले रोबोट (Robot) की तरह से काम करता है। “ईवा” की खास बात यह है कि हजारों स्रोतों से जानकारियाँ हासिल कर इस जानकारी को बेहद आसान भाषा में 0.4 सेकेण्ड से भी कम समय में उपलब्ध करा सकता है। HDFC बैंक के अनुसार इस चैटबॉट की मदद से उसके ग्राहक कुछ ही समय में उसकी तमाम सेवाओं व उत्पादों की जानकारी हासिल कर सकेंगे। बैंक के अनुसार भविष्य में “ईवा” जानकारियाँ देने के अलावा वास्तविक बैंकिंग लेन-देन (Real Time Banking Transactions) करने में भी सक्षम हो जायेगा तथा ग्राहकों को “कन्वरसेशनल बैंकिंग” (Conversational Banking) की सुविधा प्रदान कर देगा।

2. केन्द्र सरकार द्वारा फरवरी 2017 के दौरान जारी विज्ञप्ति के अनुसार देश-भर के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में प्रदान की जा रही मध्यान्ह भोजन सुविधा (Mid-day meal facility) का लाभ उठाने के लिए आधार (Aadhaar) नम्बर आवश्यक होगा। इस नियम को 1 जुलाई 2017 से प्रभाव में लाया जायेगा।
विस्तार: देश भर के लगभग 10 करोड़ प्राथमिक विद्यार्थियों को विद्यालयों में संचालित की जा रही मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal (MDM)) सुविधा का लाभ उठाने के लिए 1 जुलाई 2017 से 12-अंक वाली आधार संख्या (Aadhaar Number) की जानकारी देनी होगी जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी किया जाता है। इस सम्बन्ध में केन्द्र सरकार द्वारा 28 फरवरी 2017 को जारी गैजेट अधिसूचना (Gazette Notification) के अनुसार यह नियम वैसे तो तत्काल प्रभाव में आ गया है लेकिन ऐसे विद्यार्थी जिनके माता-पिता के पास आधार कार्ड नहीं है को इसे 30 जून 2017 तक बनवाने की सुविधा प्रदान की गई है। लेकिन यह नियम फिलहाल असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के लिए लागू नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि मध्यान्ह भोजन सुविधा केन्द्र सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका लक्ष्य सर्व शिक्षा अभियान (Sarva Shiksha Abhiyaan) के तहत आने वाले सरकारी प्राथमिक विद्यालयों, विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों व मदरसों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को कुछ पोषण तत्व उपलब्ध कराना है। केन्द्र व राज्य सरकार इस योजना पर खर्च होने वाले धन को 60:40 के अनुपात में साझा करते हैं हालांकि उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों तथा तीन पर्वतीय राज्यों – हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड व जम्मू-कश्मीर में यह अनुपात 90:10 है।

3. पी1 पॉवरबोट चैम्पियनशिप (P1 Powerboat Championship) का भारत के मुम्बई (Mumbai) में पहली बार आयोजन मार्च 2017 के दौरान हुआ। यह प्रतिष्ठित चैम्पियनशिप, जिसे “इण्डियन ग्रां प्री ऑफ सीज़” (‘Indian Grand Prix of the Seas’) के उपनाम से भी सम्बोधित किया गया।
विस्तार: भारत में पहली बार पी1 पॉवरबोट चैम्पियनशिप का आयोजन 3 से 5 मार्च 2017 के बीच मुम्बई (Mumbai) के समुद्र तट से सटे अरब सागर में किया गया। मुम्बई के प्रख्यात मरीन ड्राइव के पास आयोजित की जाने वाली इस प्रतियोगिता में शक्तिशाली पॉवरबोट्स (Powerboats) को चलाने वाले दुनिया भर के चैम्पियन ड्राइवरों ने भाग लिया। नेक्सा (Nexa) द्वारा प्रायोजित इस P1 पॉवरबोट चैम्पियनशिप का खिताब बलेनो “आरएस बूस्टर जेट्स” (‘Baleno RS Booster Jets’) ने जीता। प्रतियोगिता में शामिल इसकी दो टीमों ने फाइनल समेत तीन रेसों में कुल 89 अंक बटोरे। इस प्रकार इसे स्वर्ण पदक हासिल हुआ। वहीं “लॉयड डॉलफिन्स” (‘Lloyd Dolphins’) टीम ने कुल 87 अंक हासिल कर रजत पदक जीता जबकि “मनी ऑन मोबाइल मार्लिन्स” (‘Money on Mobile Marlins’) की टीम ने 79 अंक पाकर काँस्य पदक जीता।

4. भारतीय नौसेना के सुप्रसिद्ध विमानवाहक पोत आईएनएस विराट (INS Viraat) को लगभग 30 साल लम्बी शानदार सेवा के बाद 6 मार्च 2017 को सेवा से बाहर कर दिया गया। देश के इस दूसरे विमानवाहक पोत को ब्रिटिश रॉयल नौसेना से लिया गया था। इस पोत का प्रारंभिक नाम एचएमएस हर्म्स (HMS Hermes) था।
विस्तार: आईएनएस विराट (INS Viraat) को भारतीय नौसेना (Indian Navy) में शामिल किए जाने से पूर्व 1959 में “एचएमएस हर्म्स” (HMS Hermes) के नाम से ब्रिटिश रॉयल नौसेना (British Royal Navy) में शामिल किया गया था। इसने अर्जेन्टीना युद्ध समेत तमाम ऑपरेशन्स में भूमिका निभाई थी। बाद में 80 के दशक में ब्रिटिश नौसेना से इसे सेवानिवृत्त किए जाने के बाद भारत ने इसे लगभग 6.5 करोड़ डॉलर मूल्य पर खरीद लिया था और इसमें तमाम फेरबदल कर इसे 12 मई 1987 को भारतीय नौसेना में विधिवत शामिल कर लिया गया था। वर्ष 2013 में रूस से आईएनएस विक्रमादित्य – INS Vikramaditya (वास्तविक नाम एडमिरल गोर्शकोव) खरीदे जाने तक यह नौसेना का सर्वप्रमुख विमानवाहक पोत था। 23 जुलाई 2016 को यह अंतिम बार अपनी स्वयं की इंजन शक्ति से चल कर मुम्बई से कोच्चि (Kochi) रवाना कर दिया गया था जहाँ इसके समस्त यंत्रों को निकालकर इसकी सेवानिवृत्ति की तैयारी शुरू की गई थी। जब 6 मार्च 2017 को इसे औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त किया गया तो यह दुनिया में सबसे लम्बे समय तक सेवा देने वाला विमानवाहक पोत था। यह आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) के बाद सेवानिवृत्त किया गया देश का दूसरा विमानवाहक पोत है।

5. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने बचत खाताधारकों (Saving Account Holders) द्वारा अपने खातों में न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) न रखे जाने की स्थिति में भारी जुर्माना लगाने की घोषणा 6 मार्च 2017 को की। इसके साथ ही बैंक ने न्यूनतम बैलेंस के लिए नए मानक भी घोषित कर दिए।
विस्तार: देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने नए न्यूनतम बैलेंस मानकों के तहत देश के समूचे बैंकिंग शाखा क्षेत्र को चार श्रेणियों में बाँट दिया है – मेट्रो क्षेत्र, शहरी-क्षेत्र, उप-शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र। उसने घोषणा की है कि नए वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल 2017) से न्यूनतम बैलेंस के नए मानकों को लागू किया जायेगा। घोषणा के तहत SBI तथा उसके 5 सहयोगी बैंकों (जिनका विलय एसबीआई में 1 अप्रैल 2017 से लागू हो जायेगा) के बचत खाताधारकों को न्यूनतम बैलेंस न रखने पर 20 रुपए से 100 रुपए तक जुर्माना लगाया जायेगा।
देश के 6 मेट्रो शहरों (Metro Cities) में न्यूनतम बैलेंस का मानक रु. 5,000 होगा तथा बैलेंस कम होने पर न्यूनतम 50 रुपए से अधिकतम 100 रुपए तक जुर्माना लगाया जायेगा।
वहीं अन्य शहरी क्षेत्रों (Urban Areas) में रु. 3,000 तथा उप-शहरी क्षेत्रों (Sub-Urban Areas) में रु. 2,000 का न्यूनतम बैलेंस तय किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र की SBI शाखाओं के खाताधारकों को रु. 1,000 का न्यूनतम बैलेंस रखना होगा तथा ऐसा न होने की स्थिति में 20 से 50 रुपए तक जुर्माना वसूला जायेगा।
उल्लेखनीय है कि अभी तक बिना चैक सुविधा वाले खातों के लिए रु. 500 और चैक सुविधा वाले खाताधारकों के लिए 1,000 रुपए न्यूनतम बैलेंस रखने का नियम था।

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