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History - page 3

दिल्ली सल्तनत – सैयद वंश (1414 – 1451 ई.)

सैयद वंश (सय्यद वंश) दिल्ली सल्तनत पर शासक करने वाला चौथा वंश था। इस वंश ने दिल्ली सल्तनत में 1414 से 1451 ई. तक शासन किया। उन्होंने तुग़लक़ वंश के बाद राज्य की स्थापना की। यह वंश मुस्लिमों की तुर्क जाति का यह आख़री राजवंश था। सैयद वंश के शासक :- सैयद ख़िज़्र खाँ (1414 – 1421 ई.) मुबारक़ शाह (1421 –… Keep Reading

मौर्योत्तर कालीन वंश

मौर्य वंश के अंतिम सम्राट बृहद्रथ का वध कर उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने मौर्य साम्राज्य का तख्ता पलट कर अपना आधिपत्य जमाया और शुंग वंश की नींव रखी। मौर्य वंश के पतन के पश्चात कई ब्राह्मणवंशीय शासकों ने सत्ता की बागडोर संभाली जिनमें शुंग वंश, कण्व वंश, कुषाण वंश तथा सातवाहन वंश मुख्य थे। शुंग राजवंश –… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – तुगलक वंश

खिलज़ी वंश का अंत कर दिल्ली में एक नये वंश का उदय हुआ जिसे तुगलक वंश (Tughlaq Dynasty) कहते है। तुगलक वंश (Tughlaq Dynasty) ने दिल्ली पर 1320 से 1413 ई. तक राज किया। तुगलक वंश का पहला शासक गाज़ी मालिकजिसने अपने को अपने गयासुद्दीन तुगलक के रूप में पेश किया। तुगलक़ वंश (1320-1413) तुगलक… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – खिलजी वंश

खिलजी द्वारा सत्ता स्थापित करने को क्रांति कहा जाता है। हलांकि इतिहासकारों में इस बात को लेकर मतभेद है कि खिलजी तुर्क थे या नही। खिलजी क्रांति इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि यह राज्य जातीय उच्चता या खलीफा की स्वीकृत पर आधारित नही थी, बल्कि शक्ति के बल पर आधारित थी। जलालुद्दीन ख़िलजी ने… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत का परिचय

ग्यारहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध एवं बारहवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में भारत में तुर्कों ने आक्रमण किया। तुर्की आक्रमण के प्रथम नेतृत्वकर्ता मुहम्मद गजनी और मुहम्मद गौरी थे। दिल्ली सलतनत की स्थापना में प्रथम तुर्की आक्रमण की सफलता की ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानना होगा। देखा जाए तो दिल्ली सल्तनत का काल 1206 ई. से प्रारम्भ होता… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – मामलूक या गुलाम वंश

कुतुबुदीन ऐबक, मुहम्मद गौरी का गुलाम था। उसने भारत में जिस राजवंश की स्थापना की उसे गुलाम वंश (Slave Dynasty) कहते है। इस वंश ने 1206 से 1290 ई.  तक 84 साल तक राज किया। इस वंश के शासक या संस्थापक ग़ुलाम (दास) थे न कि राजा। इस लिए इसे राजवंश की बजाय सिर्फ़ वंश… Keep Reading

मगध साम्राज्य

मगध साम्राज्य : पुराणों के अनुसार छठी शताब्दी ईसा पूर्व में वृहद्रथ ने मगध साम्राज्य की स्थापना की। जिसकी राजधानी गिरिव्रज को बनाया और बार्हद्रथ वंश (वृहद्रथ वंश) की नींव रखी। कालांतर में वृहद्रथ को एक पुत्र हुआ जिसका नाम जरासंध रखा गया, जो एक प्रतापी राजा बना और जिसका उल्लेख महाभारत में मिलता है। अथर्ववेद तथा ऋग्वेद में भी मगध का… Keep Reading

मौर्य साम्राज्य

चन्द्रगुप्त मौर्य ने 322-321 ई० पू० अपने गुरु चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और असली नाम विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता था, की सहायता से मगध साम्राज्य पर अपना आधिपत्य किया। जहाँ नंदवंश के राजा घनानंद (नंदराज) का शासन था। इसके साथ ही मगध में नंदवंश का पतन हुआ और विशाल मौर्य साम्राज्य का उद्भव हुआ, जोकि 323 ईसा… Keep Reading

जैन धर्म

जैन धर्म एक प्राचीन धर्म है, जैन धर्म के ग्रंथों के अनुसार जैन धर्म (Jainism) अनादिकाल से चला आ रहा है। ऋषभ देव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर एवं संस्थापक थे। ऋषभ देव महान सम्राट भरत के पिता थे। ऋषभ देव को आदिनाथ के नाम से भी जाना जाता है। ऋषभ देव का उल्लेख श्रीमद्भागवत में भी… Keep Reading

बौद्ध धर्म

Buddha Dharma (बौद्ध धर्म in hindi) प्राचीनतम धर्मों में से एक धर्म है, बौद्ध धर्म के संस्थापक महान महात्मा गौतम बुद्ध थे। महात्मा बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के लुम्बिनी नामक नामक ग्राम में 563 ईसा पूर्व में हुआ था। वर्तमान में कपिलवस्तु नेपाल देश में स्थित है। गौतम बुद्ध के पिता राजा शुद्धोधन तथा माता महामाया थी, इनकी माता… Keep Reading