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History - page 3

सन्यासी विद्रोह (बंगाल)

सन्यासी विद्रोह (बंगाल) : सन्यासी विद्रोह बंगाल में हुआ था, बंगाल में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध सन्यासियों, किसानों और फकीरों द्वारा किया गया यह एक शक्तिशाली विद्रोह था। सन्यासी विद्रोह का मुख्य कारण बंगाल का 1770 ई० में पड़ा भयानक अकाल, सन्यासियों पर लगा प्रतिबंध तथा अंग्रेज़ी सरकार का भारतीयों के प्रति उदासीन रवैया था। सन्यासी… Keep Reading

फकीर विद्रोह (बंगाल)

फकीर विद्रोह (बंगाल) (Fakir Rebellion (Bengal)) फकीर विद्रोह या फकीर आंदोलन यद्यपि अठारहर्वी शताब्दी में प्रारम्भ हुआ किन्तु 19वीं शताब्दी के प्रारम्भिक वर्ष तक चलता रहा। फकीर विद्रोह का नेतृत्व मजनू शाह ने किया था। फकीर बंगाल के एक घुमन्तू मुसलमानों का एक समूह था। ब्रिटिश राज्य में बंगाल के विलय के उपरान्त 1776-1777 ई०… Keep Reading

चेरो विद्रोह (झारखण्ड)

चेरो विद्रोह (झारखण्ड) (Chero Revolt) : चेरो विद्रोह 1800 में चेरो जनजाति के लोगों द्वारा किया गया था। चेरो विद्रोह का नेतृत्व भूषण सिंह नामक जमींदार द्वारा किया गया। यह विद्रोह 1800-1802 ई0 तक चला। झारखण्ड के पलामू जिले में स्थानीय राजा एवं कंपनी के द्वारा जब जागीरदारों(चेरो) से जमीन छीनी जाने लगी तब वहाँ… Keep Reading

भारतीय स्वाधीनता अधिनियम 1947

भारतीय स्वाधीनता अधिनियम 1947 (Indian Independence Act 1947): भारतीय स्वाधीनता अधिनियम 1947 जिसे भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 भी कहा जाता है, 4 जुलाई 1947 को ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लीमेंट रिचर्ड एटली द्वारा भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 को ब्रिटिश संसद में पेश किया गया जोकि 18 जुलाई, 1947 को पास हुआ। इसकी घोषणा ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लीमेंट एटली द्वारा… Keep Reading

भारत शासन अधिनियम 1935

भारत शासन अधिनियम 1935 (Government of India Act 1935) : भारत शासन अधिनियम 1935 भारत में पूर्ण उत्तरदायी सरकार के गठन एवं भारत के वर्तमान संविधान निर्माण के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ। भारत शासन अधिनियम एक लंबा और विस्तृत दस्तावेज़ था, जिसमें 321 धाराएं और 10 अनुसूचियाँ थी। भारत शासन अधिनियम 1935… Keep Reading

साइमन कमीशन 1927

साइमन कमीशन 1927 (Simon Commission 1927) : भारत शासन अधिनियम 1919 के एक्ट को पारित करते समय ब्रिटिश सरकार ने यह घोषणा की थी कि वह दस वर्ष पश्चात पुनः इन सुधारों की समीक्षा करेगी। किन्तु नवम्बर 1927 में ही उसने आयोग की नियुक्ति की घोषणा कर दी, जिसका नाम भारतीय विधिक आयोग रखा गया,… Keep Reading

जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल, 1919)

जलियांवाला बाग हत्याकांड (Jallianwala Bagh Hatyakand) की घटना 13 अप्रैल, 1919 को बैसाखी के दिन अमृतसर के जलियांवाला बाग में हुई थी। जहाँ एकत्रित निहत्थे लोगों को जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर (Reginald Edward Harry Dyer) के आदेश पर गोलियों से छलनी कर दिया गया। माना जाता है कि जलियांवाला बाग की यह अमानवीय घटना ही… Keep Reading

रॉलेट एक्ट 1919

रॉलेट एक्ट (Rowlatt Act) : प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति पर जब भारतीय जनता संवैधानिक सुधारों का इंतजार कर रही थी, तब ब्रिटिश सरकार ने दमनकारी रॉलेट एक्ट को जानता के सम्मुख पेश कर दिया। रॉलेट एक्ट 26 जनवरी, 1919 को पास हुआ। यह एक्ट ब्रिटेन के हाई कोर्ट के जज “सर सिडनी रौलेट” की… Keep Reading

भारत शासन अधिनियम 1919

भारत शासन अधिनियम 1919 (Government of India Act 1919) : भारत शासन अधिनियम 1919 को मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार के नाम से भी जाना जाता है, मांटेग्यू जो उस समय भारत के राज्य सचिव थे तथा चेम्सफोर्ड भारत के तत्कालीन वायसराय के पद पर थे। ये एक्ट पारित तो 1919 में हुआ, परन्तु इसे लागू 1921 में, महारानी… Keep Reading

भारत परिषद अधिनियम 1909

भारत परिषद अधिनियम 1909 (Indian Councils Act 1909) : भारत परिषद अधिनियम 1909 को मार्ले-मिंटो सुधार के नाम से भी जाना जाता है। उस समय लार्ड मिंटो द्वितीय तत्कालीन वायसराय एवं जॉन मार्ले इंग्लैंड में भारत सचिव के पद पर कार्यरत थे। वास्तव में इस अधिनियम के पारित होने से पूर्व 1906 में आगा खां के… Keep Reading

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