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History - page 4

भारत परिषद अधिनियम 1892

भारत परिषद अधिनियम 1892 (Indian Councils Act 1892) : इससे पहले आये अधिनियमों से भारतीयों को कुछ हद तक सार्वजनिक सेवा, अर्थव्यवस्था आदि क्षेत्रों में प्रवेश मिलने लगा था। जिसके फलस्वरूप अन्य भारतीयों में भी राष्ट्रीयता और राजनीतिक चेतना का विकास प्रारम्भ होने लगा। 1885 में कांग्रेस के गठन के बाद, केन्द्रीय और प्रांतीय सरकार… Keep Reading

भारत परिषद अधिनियम 1861

भारत परिषद अधिनियम 1861 (Indian Councils Act 1861) : भारतीय परिषद अधिनियम 1861 को ब्रिटिश संसद द्वारा 1 अगस्त 1861 को पारित किया गया। 1857 की क्रांति के बाद ब्रिटिश सरकार ने महसूस किया कि भारत में शासन चलाने के लिए भारतीयों का सहयोग आवश्यक है। इस सहयोग की नीति के लिए ब्रिटिश संसद ने… Keep Reading

चार्टर एक्ट 1858

चार्टर एक्ट 1858 (Charter Act 1858): 1857 के विद्रोह ने कंपनी की जटिल परिस्थितियों में प्रशासन की सीमाओं को स्पष्ट कर दिया था। इसके पश्चात कंपनी से प्रशासन का दायित्व वापस लेने तथा ताज द्वारा भारत का प्रशासन प्रत्यक्ष रूप से संभालने की मांग और तेज हो गयी। वास्तव में चार्टर एक्ट 1858 को पारित… Keep Reading

चार्टर एक्ट 1853

चार्टर एक्ट 1853 (Charter Act 1853) : 1793 से प्रत्येक 20 वर्षों के अंतराल में ब्रिटिश सरकार द्वारा चार्टर एक्ट की जो श्रृंखला चली आ रही थी, ये एक्ट उस श्रृंखला का अंतिम एक्ट था। मूलतः यह एक्ट 1852 की स्लैक्ट कमेटी की रिपोर्ट पर आधारित था, जिसमें भारतीय ब्रिटिश सरकार में प्रांतीय प्रतिनिधित्व को… Keep Reading

चार्टर एक्ट 1833

चार्टर एक्ट 1833 (Charter Act 1833) : चार्टर एक्ट 1833 को पारित करने के दो मुख्य कारण थे, पहला ब्रिटेन में आयी औद्योगिक क्रांति के बाद से उत्पादित सामग्री की बड़ी हुयी मात्रा, जिसे खपाने के लिए भारत जैसे बड़े बाजार की आवश्यकता थी तथा दूसरा कारण था इस औद्योगिक क्रांति हेतु कच्चे माल की… Keep Reading

चार्टर एक्ट 1813

चार्टर एक्ट 1813 (Charter Act 1813) : अंग्रेजों के यूरोप में चल रहे फ्रांसीसियों के साथ संघर्ष के कारण ब्रिटिश व्यापार काफी नकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ था। असल में नेपोलियन द्वारा लागू किया गयी “महाद्वीपीय व्यवस्था” के कारण अंग्रेजों के लिए यूरोपीय व्यापार मार्ग बंद हो गया गया था, इसलिये सभी चाहते थे कि भारत… Keep Reading

चार्टर एक्ट 1793

चार्टर एक्ट 1793 (Charter Act 1793) : 1793 में चार्टर एक्ट को पारित किया गया। ये एक्ट लार्ड कार्नवालिस कार्यकाल के अंतिम दिनों में पारित हुआ था। 1773 में पारित हुए रेगुलेटिंग एक्ट तथा 1786 के पिट्स इण्डिया एक्ट में और सुधार कर 1793 में चार्टर एक्ट को पारित किया गया। इस एक्ट को ईस्ट इंडिया… Keep Reading

पिट्स इंडिया एक्ट 1784

पिट्स इंडिया एक्ट 1784 (Pitt’s India Act 1784) : 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट की प्रशासनिक त्रुटियों को समाप्त करने के लिए 1784 में पिट्स इंडिया एक्ट को पारित किया गया। ब्रिटिश सरकार ने 1773 में रेगुलेटिंग एक्ट पास कर ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार को कम करने की जो उम्मीद… Keep Reading

रेगुलेटिंग एक्ट 1773

रेगुलेटिंग एक्ट 1773 (Regulating Act 1773) : ब्रिटिश संसद द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के कार्यों के कारण बंगाल के कुप्रशासन से उपजी परिस्थितियों को नियंत्रित करने के लिए एवं कंपनी के हाथों से राजनीतिक शक्ति छीनने के लिए ‘रेगुलेटिंग एक्ट 1773’ लाया गया था। भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी की गतिविधियों को नियंत्रित करने की जरुरत ब्रिटिश… Keep Reading

व्यपगत सिद्धांत या लार्ड डलहौजी की राज्य हड़प नीति या गोद प्रथा निषेध की नीति

व्यपगत सिद्धांत या लार्ड डलहौजी की राज्य हड़प नीति या गोद प्रथा निषेध की नीति : व्यपगत सिद्धांत जिसे लार्ड डलहौजी की राज्य हड़प नीति या गोद प्रथा निषेध की नीति के नाम से भी जाना जाता है। इस निति का दुरप्रयोग कर अंग्रेजों ने भारतीय राज्यों और रियासतों को अपने अधीन किया था। वर्ष… Keep Reading

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