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History - page 5

कर्नाटक का युद्ध 

कर्नाटक का युद्ध – कर्नाटक का युद्ध अंग्रेजों तथा फ्रांसीसियों के मध्य व्यापार को लेकर हुए संघर्ष थे। अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच तीन कर्नाटक युद्ध हुए। 17वीं तथा 18वीं शताब्दियों में अंग्रेजों तथा फ्रांसीसियों के मध्य व्यापार को लेकर संघर्ष जारी था। ये दोनों ही व्यापार को बढ़ाने और अधिकाधिक लाभ उठाने हेतु अग्रसर थे।… Keep Reading

सहायक संधि

सहायक संधि का जन्मदाता या सहायक संधि का जनक लॉर्ड वेलेजली को कहा जाता है। अपितु लॉर्ड वेलेजली सहायक संधि का सर्वप्रथम प्रयोग करने वाला व्यक्ति नहीं था। सहायक संधि का सर्वप्रथम प्रयोग फ्रांसीसी “डूप्ले” द्वारा किया गया था। लेकिन इस संधि का व्यापक प्रयोग लॉर्ड वेलेजली द्वारा किया गया इसलिए लॉर्ड वेलेजली को सहायक… Keep Reading

आंग्ल-मैसूर युद्ध 

आंग्ल-मैसूर युद्ध: मैसूर राज्य तथा अंग्रेजों के मध्य हुए संघर्ष को आंग्ल-मैसूर युद्ध के नाम से जाना जाता है। 1767-1799 के बीच कुल 4 युद्ध लड़े गए और इन आंग्ल-मैसूर युद्ध के पीछे कई कारण थे जिनमें से कुछ कारण निम्न हैं- हैदर अली के उत्कर्ष से अंग्रेज उसे अपने प्रमुख प्रतिद्वन्द्वी के रूप में… Keep Reading

हैदर अली का उत्कर्ष

हैदर अली का उत्कर्ष : हैदर अली का जन्म 1721 में बुढ़ीकोटा (कर्नाटक) में हुआ था। हैदर अली के पिता का नाम फतेह महोम्मद था और वह मैसूर राज्य की सेना में फौजदार थे। मैसूर का वास्तविक संस्थापक हैदर अली को कहा जाता है। हैदर अली 1761 में वह मैसूर का शासक बना। जब मैसूर… Keep Reading

प्लासी के युद्ध के उपरान्त बंगाल की स्थिति

प्लासी के युद्ध के उपरान्त बंगाल की स्थिति: प्लासी का युद्ध भारत के प्रमुख युद्धों में से एक है। यह युद्ध इस नजर से भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि यह वह पहला अवसर था जब अंग्रेजों ने खुलकर एक भारतीय शक्ति का विरोध किया और इसमें वे सफल भी रहे। 23 जून, 1757 को… Keep Reading

बंगाल का इतिहास

बंगाल का इतिहास: बंगाल का इतिहास यूँ तो सोलहवीं शताब्‍दी में मुगल काल के प्रारम्भ होने से भी पुराना है। जहाँ पर अनेक मुस्लिम राजाओं, सुल्तानों और बंगाल के नवाबों ने शासन किया। इन्हीं से जुड़े प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं उन्हीं को ध्यान में रखकर बंगाल के इतिहास की जानकारी यहाँ दी… Keep Reading

चेर वंश

चेर वंश : चेर वंश का प्रथम शासक और संस्थापक उदियन जेरल (उदयिन जेरल) को माना जाता है। चेर वंश का साम्राज्य पांड्य देश के पश्चिम और उत्तर में समुद्र और पहाड़ों के मध्य स्थित था। उन्होंने केरल और तमिल के कुछ भागों में शासन किया था। chera dynasty in hindi, chera vansh in hindi.… Keep Reading

चोल साम्राज्य

चोल साम्राज्य : चोल साम्राज्य के उदय के सम्बन्ध में जानकारी संगम युग (तीसरी शताब्दी) से मिलनी प्रारम्भ होती है। संगम साहित्य में दो चोल नरेशों करिकाल एवं कोच्चेनगनान का वर्णन मिलता है। चोल साम्राज्य को चोल मण्डलम् के नाम से भी जाना जाता था और यह पेन्नार और कावेरी नदियों के मध्य पूर्वी तट… Keep Reading

कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी चालुक्य)

कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी चालुक्य): कल्याणी के चालुक्यों को पश्चिमी चालुक्य भी कहा जाता हैं। कल्याणी के चालुक्य का उदय राष्ट्रकूट वंश के पतन के बाद उसी स्थान पर हुआ था। कल्याणी के चालुक्यों का मूल स्थान कन्नड़ प्रदेश (वर्तमान केरल) है। chalukya dynasty upsc in hindi, kalyani ke chalukya upsc notes in hindi. कल्याणी… Keep Reading

राष्ट्रकूट वंश

राष्ट्रकूट वंश (753-973 ई०): प्राप्त अभिलेख के अनुसार राष्ट्रकूट वंश का मूल निवास स्थान लाटूर जिले का बीदर माना गया है। किन्तु बाद में एलिचपुर (वर्तमान बरार) में इस वंश की स्थापना हुयीं। राष्ट्रकूट वंश का अपना स्वतंत्र शासन स्थापित करने से पूर्व राष्ट्रकूट बादामी के चालुक्यों के सामंत थे। rashtrakuta vansh upsc notes in… Keep Reading

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