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History - page 8

भारत के गवर्नर जनरल तथा वायसराय

भारत के गवर्नर जनरल तथा वायसराय: भारत के गवर्नर जनरल (Governor General of India) भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश राज का प्रधान पद था। जिसपर सिर्फ अंग्रेजो का अधिकार था। स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व कोई भी भारतीय इस पद पर नहीं बैठा। गवर्नर जनरल ऑफ द प्रेसीडेंसी ऑफ फोर्ट विलियम के शीर्षक के साथ इस कार्यालय… Keep Reading

प्लासी का युद्ध

प्लासी का युद्ध 23 जून, 1757 ई. को अंग्रेजों और बंगाल के तत्कालीन नवाब सिराजुद्दौला के मध्य प्लासी नामक स्थान पर हुआ था। जिसमें अंग्रेजी सेना का नेतृत्व रॉबर्ट क्लाइव तथा नवाब की सेना का नेतृत्व मीर जाफर ने किया था। प्लासी युद्ध के परिणाम स्वरूप भारत में अंग्रेज शक्ति और प्रबल हो गयी, जिसने… Keep Reading

भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन

भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन: प्राचीन काल से ही विदेशी व्यापार हेतु भारत आया करते थे, व्यापार हेतु ही भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन हुआ। सर्वप्रथम पुर्तगाली जलमार्ग होते हुए भारत आये, उनके बाद क्रमशः डच, ब्रिटिश और फ्रांसीसी भारत आये। जल्द ही भारत के समुद्र के निकटवर्ती और समुद्री इलाकों व सामुद्रिक व्यापार पर… Keep Reading

मराठा साम्राज्य

मराठा राज्य का निर्माण एक क्रान्तिकारी घटना है। विजयनगर के उत्थान से भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण तत्व आया था। मराठा संघ एवं मराठा साम्राज्य एक भारतीय शक्ति थी जिन्होंने 18 वी शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप पर अपना प्रभुत्व जमाया हुआ था। इस साम्राज्य की शुरुआत सामान्यतः 1674 में छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के… Keep Reading

औरंगजेब (1658-1707 ई.)

औरंगजेब (1658-1707 ई.): औरंगजेब का जन्म 3 नवम्बर, 1618 को उज्जैन के पास स्थित दोहन नामक स्थान पर हुआ था। औरंगजेब को ‘जिन्दा पीर‘ के नाम से भी जाना जाता था। औरंगजेब के पिता का नाम शाहजहां था। शाहजहां के चार पुत्र और तीन पुत्रियां थी, शाहजहां के बिमार होने के कारण उसके सभी उत्तराधिकारियों के बीच मुग़ल… Keep Reading

विजयनगर साम्राज्य

विजयनगर साम्राज्य (लगभग 1350 ई. से 1565 ई.) की स्थापना राजा हरिहर ने की थी। ‘विजयनगर’ का अर्थ होता है ‘जीत का शहर’। मध्ययुग के इस शक्तिशाली हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के बाद से ही इस पर लगातार आक्रमण हुए लेकिन इस साम्राज्य के राजाओं ने इन आक्रमणों का कड़ा जवाब दिया। यह साम्राज्य कभी दूसरों के… Keep Reading

शाहजहां (1628-1658 ई.)

शाहजहां जहांगीर का पुत्र तथा अकबर का पोता था, इसका जन्म 5 जनवरी 1592 लाहौर में हुआ था। इसके बचपन का नाम खुर्रम था। अहमदनगर और मुग़ल साम्राज्य के बीच 1617 ई. में संधि हुई थी, जिसमें जहांगीर के पुत्र खुर्रम ने अहम् भूमिका निभाई थी, जिससे प्रसन्न होकर जहांगीर ने खुर्रम को शाहजहां की उपाधि… Keep Reading

जहाँगीर (1605-1627 ई.)

जहांगीर का जन्म 30 अगस्त, 1569 को फतेहपुर सीकरी में हुआ था। इसके पिता अकबर तथा माता जयपुर की राजकुमारी जोधाबाई थी। जहांगीर के बचपन का नाम ‘मुहम्मद सलीम‘ था। आगे चलकर सलीम को जहांगीर के नाम से जाना जाने लगा। अकबर की मृत्यु के पश्चात आगरा में 3 नवम्बर, 1605 को जहांगीर का राज्याभिषेक हुआ, और उसने मुग़ल… Keep Reading

अकबर (1556-1605 ई०)

जलालुद्दीन मुहम्मद अकबर मुग़ल साम्राज्य के दूसरे शासक हुमायूँ और हमीदा बानू बेगम का बेटा था। अकबर का जन्म 15 अक्टूबर, 1542 को मुग़ल साम्राज्य की राजधानी में न होकर अमरकोट के राजा वीरमाल के महल में हुआ था। क्यूंकि 1540 ई० को बिलग्राम (कन्नौज) में हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच युद्ध हुआ था, जिसमें हुमायूँ पराजित हुआ और दिल्ली पर शेरशाह सूरी ने कब्ज़ा… Keep Reading

शेरशाह सूरी (1540-45 ई०)

शेरशाह सूरी का जन्म 1472 ई० में हुआ था और इसके बचपन का नाम फरीद था। शेरशाह सूरी [1] के पिता का नाम हसन खाँ था जौनपुर के एक छोटे से जागीरदार थे। ये मूल से अफगानी थे। दक्षिण बिहार के सूबेदार बहार खाँ लोहानी ने शेरशाह सूरी को शेर खाँ की उपाधि से नवाजा था। यह उपाधि शेरशाह सूरी… Keep Reading

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