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History - page 9

हुमायूँ (1530-1556 ई०)

बाबर की मृत्यु के बाद मुग़ल साम्राज्य की गद्दी पर बाबर का बड़ा बेटा हुमायूँ बैठा। 30 वर्ष की आयु में आगरा में हुमायूँ को मुग़ल सल्तनत का ताज पहनाया गया था। हुमायूँ को नासिर-उद-दीन मुहम्मद के नाम से भी जाना जाता था। हुमायूँ ने अपने मुग़ल साम्राज्य को अपने तीन भाइयों (कामरान, अस्करी और हिन्दाल) के बीच… Keep Reading

मुग़ल साम्राज्य (1526-1707)

पानीपत के मैदान में 21 अप्रैल, 1526 को इब्राहिम लोदी और चुगताई तुर्क जलालुद्दीन बाबर के बीच युद्ध लड़ा गया, जिसमें लोदी वंश के अंतिम शासक इब्राहिम लोदी को पराजित कर खानाबदोश[1] बाबर ने तीन शताब्दियों से सत्तारूढ़ तुर्क अफगानी-सुल्तानों की दिल्ली सल्तनत का तख्ता पलट कर दिया और मुग़ल साम्राज्य और मुग़ल सल्तनत की नींव रखी।… Keep Reading

वर्द्धन या वर्धन वंश तथा पुष्यभूति वंश

गुप्त वंश के पतन के पश्चात छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आस-पास ‘पुष्यभूति‘ नामक शासक ने ‘वर्द्धन या वर्धन वंश’ की स्थपना की थी। वर्द्धन या वर्धन वंश को ‘पुष्यभूति वंश’ भी कहा जाता है। इसकी राजधानी थानेश्वर थी। इस वंश का सबसे महान और ख्याति प्राप्त राजा हर्षवर्धन था। हर्षवर्धन को शिलादित्य के नाम से भी जाना जाता था, ये हर्षवर्धन की… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – लोदी वंश (1451 -1526 ई.)

सैयद वंश का अंत कर बहलोल लोदी ने 1451 ई. में लोदी वंश की दिल्ली सल्तनत में स्थापना की थी। यह वंश 1526 ई. तक सत्ता में रहा और सफलतापूर्वक शासन किया। यह राजवंश दिल्ली सल्तनत का अंतिम सत्तारूढ़ परिवार था, जो अफगान मूल से था। लोदी वंश के शासक :- बहलोल लोदी (1451 – 1489 ई.) सिकंदर लोदी (1489 –… Keep Reading

गुप्त वंश – गुप्तकाल

गुप्त साम्राज्य की नींव रखने वाला शासक श्री गुप्त था। श्री गुप्त ने ही 275 ई. में गुप्त वंश की स्थापना की थी। मौर्य काल के बाद गुप्त काल को भी भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग माना गया है। गुप्त वंश की जानकारी वायुपुराण से प्राप्त होती है। गुप्तकाल की राजकीय भाषा संस्कृत थी। ये भी माना जाता है… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – सैयद वंश (1414 – 1451 ई.)

सैयद वंश (सय्यद वंश) दिल्ली सल्तनत पर शासक करने वाला चौथा वंश था। इस वंश ने दिल्ली सल्तनत में 1414 से 1451 ई. तक शासन किया। उन्होंने तुग़लक़ वंश के बाद राज्य की स्थापना की। यह वंश मुस्लिमों की तुर्क जाति का यह आख़री राजवंश था। सैयद वंश के शासक :- सैयद ख़िज़्र खाँ (1414 – 1421 ई.) मुबारक़ शाह (1421 –… Keep Reading

मौर्योत्तर कालीन वंश

मौर्य वंश के अंतिम सम्राट बृहद्रथ का वध कर उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने मौर्य साम्राज्य का तख्ता पलट कर अपना आधिपत्य जमाया और शुंग वंश की नींव रखी। मौर्य वंश के पतन के पश्चात कई ब्राह्मणवंशीय शासकों ने सत्ता की बागडोर संभाली जिनमें शुंग वंश, कण्व वंश, कुषाण वंश तथा सातवाहन वंश मुख्य थे। शुंग राजवंश –… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – तुगलक वंश

खिलज़ी वंश का अंत कर दिल्ली में एक नये वंश का उदय हुआ जिसे तुगलक वंश (Tughlaq Dynasty) कहते है। तुगलक वंश (Tughlaq Dynasty) ने दिल्ली पर 1320 से 1413 ई. तक राज किया। तुगलक वंश का पहला शासक गाज़ी मालिकजिसने अपने को अपने गयासुद्दीन तुगलक के रूप में पेश किया। तुगलक़ वंश (1320-1413) तुगलक… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – खिलजी वंश

खिलजी द्वारा सत्ता स्थापित करने को क्रांति कहा जाता है। हलांकि इतिहासकारों में इस बात को लेकर मतभेद है कि खिलजी तुर्क थे या नही। खिलजी क्रांति इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि यह राज्य जातीय उच्चता या खलीफा की स्वीकृत पर आधारित नही थी, बल्कि शक्ति के बल पर आधारित थी। जलालुद्दीन ख़िलजी ने… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत का परिचय

ग्यारहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध एवं बारहवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में भारत में तुर्कों ने आक्रमण किया। तुर्की आक्रमण के प्रथम नेतृत्वकर्ता मुहम्मद गजनी और मुहम्मद गौरी थे। दिल्ली सलतनत की स्थापना में प्रथम तुर्की आक्रमण की सफलता की ही सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानना होगा। देखा जाए तो दिल्ली सल्तनत का काल 1206 ई. से प्रारम्भ होता… Keep Reading