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General Knowledge - page 2

भारत के राष्ट्रीय प्रतीक

यहाँ पर भारत की राष्‍ट्रीय पहचान के प्रतीक यानि कि भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों – पशु, पक्षी, विरासत पशु, खेल आदि का विवरण दिया गया है। यह प्रतीक भारतीय पहचान और विरासत का मूलभूत हिस्‍सा हैं। राष्ट्रीय चिह्न किसी भी देश की संस्कृति और विरासत का प्रतीक होते हैं। उसी प्रकार भारतीय राष्ट्रीय प्रतीक चिह्न भारत की विरासत और… Keep Reading

भारत में हुए प्रमुख युद्ध

भारत में समय-समय पर कई युद्ध हुए जोकि विभिन्न वंश के शासकों, राजाओं और यूरोपीय शक्तियों के मध्य हुए। ये युद्ध भारत के इतिहास में दर्ज महत्वपूर्ण घटनाये हैं। इन्हीं में से भारतीय इतिहास के कुछ प्रमुख युद्ध व लड़ाईयां निम्न प्रकार हैं – भारतीय इतिहास में हुए मुख्य युद्ध व लड़ाईयाँ कलिंग का युद्ध – यह युद्ध 261 ई. पू.… Keep Reading

बक्सर का युद्ध

23 जून, 1757 ई. में प्लासी के युद्ध में बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति मीरजाफर विश्वाशघात कर अंग्रजों से मिल गया, जिस कारण अंग्रेजों ने युद्ध में जीत प्राप्त कर सिराजुद्दौला को मृत्यु दण्ड देकर, मीरजाफर को बंगाल का नवाब नियुक्त किया। मीरजाफर अंग्रेजों की कठपुतली मात्र था जो अंग्रजों के मन-मुताबिक कार्य करता था। पर जब वह… Keep Reading

भारत के गवर्नर जनरल तथा वायसरॉय

भारत के गवर्नर जनरल (Governor General of India) भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश राज का प्रधान पद था। जिसपर सिर्फ अंग्रेजो का अधिकार था। स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व कोई भी भारतीय इस पद पर नहीं बैठा। गवर्नर जनरल ऑफ द प्रेसीडेंसी ऑफ फोर्ट विलियम के शीर्षक के साथ इस कार्यालय को 1773 में सृजित किया गया था। 1858 ई. तक गवर्नर… Keep Reading

ब्लड ग्रुप के प्रकार व महत्वपूर्ण तथ्य

मुख्यतः Blood Group (रक्त समूह) चार प्रकार के होते हैं – A, B, AB और O, हमारे रक्त समूह का निर्धारण हमारे माता-पिता से हमें प्राप्त होने वाले जीन द्वारा निर्धारित होता है। हर एक रक्त समूह RhD पॉजिटिव और RhD निगेटिव होता है। यदि आपका रक्त समूह A है तो वह या तो A पॉजिटिव होगा या A… Keep Reading

प्लासी का युद्ध

प्लासी का युद्ध 23 जून, 1757 ई. को अंग्रेजों और बंगाल के तत्कालीन नवाब सिराजुद्दौला के मध्य प्लासी नामक स्थान पर हुआ था। जिसमें अंग्रेजी सेना का नेतृत्व रॉबर्ट क्लाइव तथा नवाब की सेना का नेतृत्व मीर जाफर ने किया था। प्लासी युद्ध के परिणाम स्वरूप भारत में अंग्रेज शक्ति और प्रबल हो गयी, जिसने… Keep Reading

भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन

प्राचीन काल से ही विदेशी व्यपार हेतु भारत आया करते थे, व्यापार हेतु ही भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन हुआ। सर्वप्रथम पुर्तगाली जलमार्ग होते हुए भारत आये, उनके बाद क्रमशः डच, ब्रिटिश और फ्रांसीसी भारत आये। जल्द ही भारत के समुद्र के निकटवर्ती और समुद्री इलाकों व सामुद्रिक व्यापर पर यूरोपियों का एकाधिकार हो गया। पुर्तगाली 17… Keep Reading

मराठा साम्राज्य

मराठा राज्य का निर्माण एक क्रान्तिकारी घटना है। विजयनगर के उत्थान से भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण तत्व आया था। मराठा संघ एवं मराठा साम्राज्य एक भारतीय शक्ति थी जिन्होंने 18 वी शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप पर अपना प्रभुत्व जमाया हुआ था। इस साम्राज्य की शुरुआत सामान्यतः 1674 में छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के… Keep Reading

औरंगजेब (1658-1707 ई.)

औरंगजेब का जन्म 3 नवम्बर, 1618 को उज्जैन के पास स्थित दोहन नामक स्थान पर हुआ था। औरंगजेब को ‘जिन्दा पीर‘ के नाम से भी जाना जाता था। औरंगजेब के पिता का नाम शाहजहां था। शाहजहां के चार पुत्र और तीन पुत्रियां थी, शाहजहां के बिमार होने के कारण उसके सभी उत्तराधिकारियों के बीच मुग़ल साम्राज्य का शासक… Keep Reading

विजयनगर साम्राज्य

विजयनगर साम्राज्य (लगभग 1350 ई. से 1565 ई.) की स्थापना राजा हरिहर ने की थी। ‘विजयनगर’ का अर्थ होता है ‘जीत का शहर’। मध्ययुग के इस शक्तिशाली हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के बाद से ही इस पर लगातार आक्रमण हुए लेकिन इस साम्राज्य के राजाओं ने इन आक्रमणों का कड़ा जवाब दिया। यह साम्राज्य कभी दूसरों के… Keep Reading