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General Knowledge - page 3

निजता (Privacy) – एक मौलिक अधिकार

सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से Privacy यानी निजता के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा मानकर एक नया इतिहास रच दिया है। निजता के अधिकार को मूल अधिकार करार देने के निर्णय के बाद उस फैसले का इंतजार है जो अनेक योजनाओं में… Keep Reading

शेरशाह सूरी (1540-45 ई०)

शेरशाह सूरी का जन्म 1472 ई० में हुआ था और इसके बचपन का नाम फरीद था। शेरशाह सूरी [1] के पिता का नाम हसन खाँ था जौनपुर के एक छोटे से जागीरदार थे। ये मूल से अफगानी थे। दक्षिण बिहार के सूबेदार बहार खाँ लोहानी ने शेरशाह सूरी को शेर खाँ की उपाधि से नवाजा था। यह उपाधि शेरशाह सूरी… Keep Reading

हुमायूँ (1530-1556 ई०)

बाबर की मृत्यु के बाद मुग़ल साम्राज्य की गद्दी पर बाबर का बड़ा बेटा हुमायूँ बैठा। 30 वर्ष की आयु में आगरा में हुमायूँ को मुग़ल सल्तनत का ताज पहनाया गया था। हुमायूँ को नासिर-उद-दीन मुहम्मद के नाम से भी जाना जाता था। हुमायूँ ने अपने मुग़ल साम्रज्य को अपने तीन भाइयों (कामरान, अस्करी और हिन्दाल) के बीच बाँटा था,… Keep Reading

क्या होता है तीन तलाक ?

क्या है तीन तलाक? यह मुसलमान समाज में तलाक लेने का वह जरिया है जिसमें मुस्लिम पुरुष अपनी पत्नी को तीन बार “तलाक-तलाक-तलाक” बोलकर अपनी शादी रद्द कर सकता है। तलाक का यह जरिया मुस्लिम पर्सनल लॉ के हिसाब से कानूनी है, फिर भी बहुत सारी मुस्लिम वर्ग की महिलाएं इसका विरोध करती है। तीन… Keep Reading

मुग़ल साम्राज्य (1526-1707)

पानीपत के मैदान में 21 अप्रैल, 1526 को इब्राहिम लोदी और चुगताई तुर्क जलालुद्दीन बाबर के बीच युद्ध लड़ा गया, जिसमें लोदी वंश के अंतिम शासक इब्राहिम लोदी को पराजित कर खानाबदोश[1] बाबर ने तीन शताब्दियों से सत्तारूढ़ तुर्क अफगानी-सुल्तानों की दिल्ली सल्तनत का तख्ता पलट कर दिया और मुग़ल साम्राज्य और मुग़ल सल्तनत की नींव रखी।… Keep Reading

महत्वपूर्ण कंप्यूटर फुल फॉर्म

कंप्यूटर एक्सटेंशन (Computer extension) से जुड़े प्रश्न विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आते हैं। कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न फाइलों के एक्सटेंशन के पुरे नाम, हार्डवेयर के पुरे नाम जिन्हें प्रायः शार्ट नाम से ही जाना जाता है, उनसे सम्बंधित प्रश्न लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाते हैं। इस तरह के ज्यादा प्रश्न प्रायः कंप्यूटर… Keep Reading

वर्द्धन या वर्धन वंश तथा पुष्यभूति वंश

गुप्त वंश के पतन के पश्चात छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आस-पास ‘पुष्यभूति‘ नामक शासक ने ‘वर्द्धन या वर्धन वंश’ की स्थपना की थी। वर्द्धन या वर्धन वंश को ‘पुष्यभूति वंश’ भी कहा जाता है। इसकी राजधानी थानेश्वर थी। इस वंश का सबसे महान और ख्याति प्राप्त राजा हर्षवर्धन था। हर्षवर्धन को शिलादित्य के नाम से भी जाना जाता था, ये हर्षवर्धन की… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – लोदी वंश (1451 -1526 ई.)

सैयद वंश का अंत कर बहलोल लोदी ने 1451 ई. में लोदी वंश की दिल्ली सल्तनत में स्थापना की थी। यह वंश 1526 ई. तक सत्ता में रहा और सफलतापूर्वक शासन किया। यह राजवंश दिल्ली सल्तनत का अंतिम सत्तारूढ़ परिवार था, जो अफगान मूल से था। लोदी वंश के शासक :- बहलोल लोदी (1451 – 1489 ई.) सिकंदर लोदी (1489 –… Keep Reading

गुप्त वंश – गुप्तकाल

गुप्त साम्राज्य की नींव रखने वाला शासक श्री गुप्त था। श्री गुप्त ने ही 275 ई. में गुप्त वंश की स्थापना की थी। मौर्य काल के बाद गुप्त काल को भी भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग माना गया है। गुप्त वंश की जानकारी वायुपुराण से प्राप्त होती है। गुप्तकाल की राजकीय भाषा संस्कृत थी। ये भी माना जाता है… Keep Reading

दिल्ली सल्तनत – सैयद वंश (1414 – 1451 ई.)

सैयद वंश (सय्यद वंश) दिल्ली सल्तनत पर शासक करने वाला चौथा वंश था। इस वंश ने दिल्ली सल्तनत में 1414 से 1451 ई. तक शासन किया। उन्होंने तुग़लक़ वंश के बाद राज्य की स्थापना की। यह वंश मुस्लिमों की तुर्क जाति का यह आख़री राजवंश था। सैयद वंश के शासक :- सैयद ख़िज़्र खाँ (1414 – 1421 ई.) मुबारक़ शाह (1421 –… Keep Reading

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