जीवनी और आत्मकथा में अंतर (आत्मकथा और जीवनी में अंतर)

जीवनी और आत्मकथा में अंतर (आत्मकथा और जीवनी में अंतर)

जीवनी और आत्मकथा में अंतर (आत्मकथा और जीवनी में अंतर) : जीवनी क्या है, जीवनी की विशेषताएं, आत्मकथा क्या है, आत्मकथा की विशेषताएं, जीवनी और आत्मकथा में अंतर आदि महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं। difference between biography and autobiography in hindi.

जीवनी क्या है ( What is Biography in hindi )

जीवनी ( Biography ) वह रचना होती है जो किसी व्यक्ति के जीवन का विस्तृत वर्णन करती है। किसी जीवनी में एक व्यक्ति के जन्म, कार्य, संबंध, शिक्षा, मृत्यु आदि जैसे बुनियादी तथ्यों को शामिल किया जाता है। यह मुख्य रूप से एक व्यक्ति के जीवन में घटित सभी घटनाओं का चित्रण करने का कार्य करती हैं। एक लेखक जीवनी के माध्यम से नायक के संपूर्ण जीवन को रोचक ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। इतिहास लेखन की तरह ही जीवनी भी किसी व्यक्ति के जीवन में घटित सभी सत्य घटनाओं पर आधारित होती है। जीवनी वास्तव में नायक के जीवन की सभी महत्वपूर्ण घटनाओं की सत्यता की रक्षा करते हुए उसके व्यक्तित्व को दर्शाता है। जीवनी की रचना में कथात्मक एवं रोचक शैली का प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा इसमें लेखक किसी व्यक्ति के जीवन के सभी तथ्यों को भी उजागर करता है।

जीवनी की विशेषताएं

जीवनी की विशेषताएं कुछ इस प्रकार है:-

  • जीवनी मुख्य रूप से किसी व्यक्ति के जीवन के घटनाक्रम को प्रमाणित करने का कार्य करती है। जीवनी का शाब्दिक अर्थ जीवन की व्याख्या करना होता है। यह एक ऐसी गद्य विद्या है जो काल्पनिक ना होकर केवल सत्य कथानक पर आधारित होती है। किसी जीवनी में नायक के संपूर्ण जीवन के चरित्र का विश्लेषण किया जाता है।
  • जीवनी का नायक ऐतिहासिक महापुरुष या कोई प्रसिद्ध व्यक्ति होता है जिसका संबंध लेखक से होता है। जीवनी विशेष रूप से उस व्यक्ति के बारे में लिखी जाती है जिसमें चारित्रिक विशेषताएं हो या लोग उस व्यक्ति के जीवन से प्रेरणा ले सकें।
  • जीवनी की रचना में लेखक नायक या नायिका के प्रति आदर एवं श्रद्धा का भाव रखता है जिसके कारण वह किसी व्यक्ति या महिला के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं को उजागर करने का कार्य करता है। केवल इतना ही नहीं लेखक नायक या नायिका के चरित्र की विशेषताओं को इस प्रकार प्रस्तुत करता है जिससे हर व्यक्ति उनके चरित्र से कोई ना कोई सीख अवश्य ग्रहण कर सके।
  • जीवनी का एकमात्र लक्ष्य तथ्य एवं घटनाक्रम का प्रमाण देना होता है। इसमें साहित्य का कोई विशेष योगदान नहीं होता। लेखक जीवनी के माध्यम से किसी भी व्यक्ति के संपूर्ण जीवन का चित्रण निष्पक्ष भाव से कर सकता है।

आत्मकथा क्या है ( What is Autobiography in hindi )

आत्मकथा ( autobiography ) वह रचना होती है जिसमें लेखक स्वयं के जीवन का विस्तार करता है। आत्मकथा के लेखन में लेखक स्वयं के व्यक्तित्व का वर्णन करता है। इस रचना में बताई गई जानकारी का स्वयं लेखक ही साक्षी होता है एवं इसका उद्देश्य स्वयं का आत्म निर्माण करना भी होता है। एक आत्मकथा में लेखक अपने जीवन में घटित सभी महत्वपूर्ण घटनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी देता है। एक लेखक आत्मकथा के माध्यम से समाज के सम्मुख स्वयं को प्रत्यक्ष रूप से प्रस्तुत करता है। कई विद्वानों के अनुसार आत्मकथा में लेखक निष्पक्ष भाव से स्वयं के जीवन के अनुभव का चित्रण करता है। आत्मकथा का उद्देश्य समाज को लेखक के संपूर्ण जीवन की अनुभूति कराना होता है।

आत्मकथा की विशेषताएं

आत्मकथा के विशेषताएं कुछ इस प्रकार है:-

  • आत्मकथा में लेखक स्वयं के जीवन का परिचय बड़ी ही सुंदरता से करता है। आत्मकथा की रचना के माध्यम से समाज लेखक के जीवन की संपूर्ण जानकारी प्राप्त करता है। आत्मकथा वास्तव में वह रचना होती है जिसमें लेखक स्वयं के जीवन के सभी महत्वपूर्ण घटनाओं एवं तथ्यों का वर्णन करता है। आत्मकथा मुख्य रूप से समाज को प्रेरणा प्रदान करने का कार्य करता है।
  • आत्मकथा के माध्यम से लेखक खुद के जीवन का विश्लेषण करता है। एक आत्मकथा में लेखक अपनी अच्छाइयों एवं बुराइयों का वर्णन करता है जिससे समाज को प्रेरणा मिलती है। इसके अलावा आत्मकथा में लेखक अपने जीवन के सभी सकारात्मक एवं नकारात्मक अनुभवों को भी उजागर करता है। एक लेखक के लिए आत्मकथा की रचना करना बेहद साहसी काम माना जाता है क्योंकि इसमें लेखक अपने सभी कमजोरियों को भी समाज के सम्मुख प्रस्तुत करता है।
  • आत्मकथा एक ऐसी रचना होती है जिसमें लेखक स्वयं के जीवन की आत्मालोचना करता है। इसके माध्यम से स्वयं लेखक अपने जीवन के सभी पहलुओं का निकटता से अवलोकन करने का कार्य करता है। इसमें मुख्य रूप से उन सभी घटनाओं का विवरण किया जाता है जो स्वयं लेखक के जीवन को प्रभावित करती हैं। इसके अलावा आत्मकथा में लेखक के जीवन के विकास कार्यों का भी विवरण दिया जाता है।
  • आत्मकथा की रचना मुख्य रूप से समाज को लेखक के संपूर्ण जीवन के अनुभव एवं वास्तविक परिचय देने उद्देश्य से की जाती है। आत्मकथा पाठक वर्ग के लोगों को विशेष रूप से प्रभावित करती है। इसमें लेखक उन सभी तथ्यों का वर्णन करता है जिसका संबंध पाठक वर्ग के लोगों से होता है।

जीवनी और आत्मकथा में अंतर

जीवनी और आत्मकथा में निम्नलिखित अंतर होते हैं:-

  • जीवनी में किसी महापुरुष या किसी व्यक्ति के जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन किया जाता है जबकि आत्मकथा में लेखक स्वयं अपने जीवन के अनुभव का वर्णन करता है।
  • जीवनी किसी अन्य पुरुष के द्वारा लिखी जाती है परंतु आत्मकथा स्वयं के द्वारा लिखी जाती है।
  • जीवनी काल्पनिक हो सकती है जबकि आत्मकथा केवल सत्य घटनाओं पर आधारित होती है।
  • जीवनी की रचना में लेखक अपने विचारों को अभिव्यक्त नहीं करता जबकि आत्मकथा में लेखक स्वयं के विचारों को व्यक्त कर सकता है।
  • जीवनी में लेखक किसी अन्य पुरुष के गुण एवं दोषों का वर्णन करता है परंतु आत्मकथा में लेखक स्वयं के गुण एवं दोषों का वर्णन करता है।
  • जीवनी की रचना मुख्य रूप से वर्णनात्मक शैली में की जाती है जबकि आत्मकथा की रचना कथात्मक शैली में की जाती है।
  • जीवनी की रचना में प्रमाणिकता की आवश्यकता होती है जबकि आत्मकथा में प्रमाणिकता की आवश्यकता नहीं होती।

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