मानव निर्मित आपदा के कारण ( cause of man-made disaster in hindi )

मानव निर्मित आपदा के कारण – Cause of Man Made Disaster

मानव निर्मित आपदा के कारण : मानव निर्मित आपदा के कारण ( manav nirmit aapda ke karan ) कई होते हैं, कई मानवीय गतिविधियों के कारण मानव निर्मित आपदाएं (Man – Made Disasters) उत्पन्न हो जाती हैं, मानव निर्मित आपदा प्राकृतिक आपदा से अलग होती है क्योंकि यह आपदा मानव की लापरवाही के कारण जन्म लेती हैं। आमतौर पर आपदा केवल दो ही प्रकार से उत्पन्न हो सकती है पहला प्राकृतिक एवं दूसरा मानव द्वारा लायी गयी, इन दोनों ही स्थिति में जीवन को कई प्रकार से हानि पहुंचती है। इसके अलावा मानव द्वारा लायी गयी आपदा के परिणामस्वरूप धन एवं संपत्ति का भी विनाश होता है।

मानव निर्मित आपदा के कारण ( cause of man-made disaster in hindi )

मानव निर्मित आपदा का मुख्य कारण लापरवाही या भूल को माना जाता है जिसके कारण जानमाल का खतरा होता है। अक्सर किसी तकनीकी खराबी या विफलता के कारण भी मानव कार्य से निर्मित आपदा आ सकती है जिसका खामियाजा कई लोगों को भुगतना पड़ता है।

मानव निर्मित कुछ प्रमुख आपदा एवं कारण

सड़क/रेल दुर्घटना

हर साल सड़क हादसों एवं रेल दुर्घटनाओं में हज़ारों लोगों की जाने जाती हैं। भारत में अधिकतर रेल दुर्घटनाएं पटरियों के क्षतिग्रस्त हों जाने के कारण होती हैं जिसमें जानमाल का भारी नुकसान होता है। इसके अलावा दुनिया भर में सड़क हादसे बढ़ते जा रहे हैं। वाहन चलाने में लापरवाही एवं खराब सड़कों के कारण हर साल हजारों की संख्या में लोगों की मृत्यु होती है।

आग

आग लगने से होने वाली दुर्घटनाएं बेहद भयावह होती हैं जिसमें बड़े नुकसान एवं जान का खतरा रहता है। अक्सर आग लगने पर जनता में भय का माहौल बन जाता है जिसके कारण लोगों में अफरा तफरी मच जाती है। आमतौर पर मानव द्वारा लापरवाही एवं बिजली के कारण आग लगती है जिसके कारण कई लोगों की मृत्यु हो जाती है। आज कल वनों में आग लगने की समस्या भी बहुत बढ़ गयी है पर्यटकों की गलतियों की वजह से वनों में आग की समस्या उत्पन्न हो रही है जिसका जीव विवधता पर भी काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

वायु दुर्घटना

वायु दुर्घटना पूर्णतः विमान दुर्घटना से संबंधित है जो मानव द्वारा ही निर्मित होती है। कई बार तकनीकी खराबी के चलते विमान हादसों की चपेट में आ जाता है जिसके कारण कई यात्रियों ने अपनी जान गवाई हैं।

बम विस्फोट

बम विस्फोट एक प्रकार की रासायनिक प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है जो एक तीव्र एवं प्रबल ऊर्जा का उत्सर्जन करता है। बम विस्फोट को देश की सुरक्षा के लिहाज से बनाया गया था परन्तु कई देश और आतंकी संगठन बम विस्फोटक को आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करते हैं जिसमें जानमाल का भरी नुकसान होता है। यह पूर्णतः मानव निर्मित है जिसे एक आपदा के रूप में भी देखा जा सकता है।

रासायनिक आपदाएं

आज के समय में विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली है जिसके कार्य हेतु देश में जगह-जगह रासायनिक कारखानों का निर्माण किया गया है। कई बार मानव की लापरवाही के कारण इन रासायनिक कारखानों में से जहरीली गैस का रिसाव होने की घटनाएं हो जाती है जिसके कारण मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचता है। रासायनिक कारखानों में मौजूद खतरनाक रसायनों से आग लगने, उनमें विस्फोट होने, हवा में मिल जाने एवं जल में मिल जाने का खतरा बना रहता है जिससे लोग विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।

महामारी

महामारी एक जानलेवा बीमारी को कहते हैं जो किसी एक स्थान पर सीमित नहीं रहती। महामारी मुख्य रूप से विषाणु या जीवाणु के कारण उत्पन्न होती है जिसका प्रकोप सामान्य रोगों से कहीं अधिक होती है। बीते कुछ दशकों में प्लेग, चेचक एवं हैजा जैसी महामारी ने जन्म लिया है जिसका दुष्प्रभाव मानव जाति पर पड़ा और जिसके कारण कई हजार लोगों ने अपनी जाने गवा दी।

मिट्टी का कटाव, भूस्खलन

बीते कुछ वर्षों में बड़े पैमाने में पेड़ काटने के कई मामले सामने आये हैं जिसके कारण मिट्टी के कटाव की समस्या उत्पन्न हो गयी है। दरअसल, पेड़ों को काटने से जमीन पर हवा एवं पानी का बहाव काफी तेज हो जाता है जिसके कारण मिट्टी ढीली हो जाती है और भारी वर्षा अथवा पानी के तेज बहाव के कारण मिट्टी का कटाव तीव्र गति से होने लगता है। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें – भूस्खलन क्या है, भूस्खलन के कारण और भूस्खलन रोकथाम के उपाय

पढ़ें – प्राकृतिक आपदा के कारण एवं प्रभाव

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