उत्तराखंड में हुई प्राकृतिक आपदाएं

Natural Disasters in Uttarakhand

Due to a distinct geographical structure of Uttarakhand state, from time to time many disasters happened in the state. Excess rain, Collapse of the iceberg, Forest fires, Flooding, Landslide, Earthquake etc are the major factors of natural disaster in a Uttarakhand state. Read in Hindi.

Natural Disasters Uttarakhand State
Natural Disasters Uttarakhand State

प्राकृतिक आपदाएं

विशिष्ट भौगोलिक संरचना (Distinct Geographical Structure) के कारण प्रदेश को प्रतिवर्ष प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे जन धन की हानि होती है। राज्य में भूकंप (Earthquake), भूस्खलन (Landslide), अतिवृष्टि (Excess Rain), बादल फटना (Cloud Burst), बाढ़ (Flooding), हिमपात (Snowfall) के समय हिमखंडों (Glaciers) का गिरना व वनाग्नि (Vnagni) आपदा प्रमुख है।

अतिवृष्टि (Excess Rain) – बरसात के मौसम में अचानक किसी क्षेत्र विशेष में अधिक वर्षा अर्थात बादल फटने की घटना होना।

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हिमखंडो का गिरना (Collapse of the Iceberg) – राज्य की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां बर्फबारी अधिक होती है, वहां शीत ऋतु (Winter Season) में पहाड़ों से हिमखंडों के लुढ़कने व गिरने की घटनाएं होती हैं।

वनाग्नि (Forest fires) राज्य में कुल भू-भाग के लगभग 45% भाग पर वन (Forest) है, कभी-कभी प्राकृतिक (Natural) या मानवजनित (Anthropogenic) कारणों से वनाग्नि का सामना करना पड़ता है।

बाढ़ (Flooding)-  राज्य में नदियों की अधिकता होने के बाबजूद भी  ज्यादा बाढ़ नहीं आती हैं, क्योंकि राज्य का अधिकांशतः भाग पहाड़ी ढलान (Hillside) वाला है।

भूस्खलन (Landslide)- भूस्खलन सामूहिक स्थानांतरण (Mass Transfer) का एक प्रक्रम (Process) है, जिसमें शैलें तथा शैलचूर्ण गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण ढालों पर नीचे की ओर सरकते (Slide) है।

भूकंप  (Earthquake)- भारत को पांच  भूकंप जोन (Earthquake Zone) में बांटा गया है, जिनमें 2 जोन उत्तराखंड में पडते है।  देहरादून (Dehradun), टिहरी (Tehri), उत्तरकाशी (Uttarkashi), नैनीताल (Nainital), ऊधमसिंह नगर (Udham Singh Nagar) जिले संवेदनशील जोन 4 (Zone 4) में आते हैं, जबकि चमोली (Chamoli), रुद्रप्रयाग (Rudrapryag), अल्मोड़ा (Almora), बागेश्वर (Bageshwar), पिथौरागढ़ (Pithoragarh) व चंपावत (Champawat) अतिसंवेदनशील जोन 5 (Zone 5) में आते हैं।

भूकंप की दृष्टि से उत्तराखंड अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र (Sensitive Region) है, उत्तराखंड में आये कुछ प्रमुख भूकंप निम्नवत हैं।

       स्थान                                             वर्ष                          तीव्रता

  • उत्तरकाशी (Uttarkashi)           22 मई 1803                   6.0
  • बद्रीनाथ (Badrinath)                 1 सितम्बर                        9.0
  • गंगोत्री (Gangotri)                      28 मई 1816                   7.0
  • पिथौरागढ़ (Pithoragarh)          28 अक्टूबर 1916            7.5
  • लोहाघाट (Lohaghat)                 14 मई 1935                   7.0
  • देहरादून (Dehradun)                2 अक्तूबर 1937             8.0
  • धारचूला (Dharchula)                28 दिसम्बर 158            6.25
  • धारचूला (Dharchula)                28 अगस्त 1968            7.0
  • उत्तरकाशी (Uttarkashi)           20 अक्तूबर 1991           6.6
  • चमोली (Chamoli)                     29 मार्च 1999                 6.8

उत्तराखंड में हुईं प्रमुख आपदाएं (Major Disasters occurred in Uttarakhand)

  • 23 जुन (June) 1980 – उत्तरकाशी (Uttarkashi) के ज्ञानसू (Gyansu) में भूस्खलन से तबाही।
  • 1991- 1992 – चमोली (Chamoli) के पिंडर घाटी (Pindar Valley) में भूस्खलन।
  • 11 अगस्त (August) 1998 – रुद्रप्रयाग (Rudrapryag) के उखीमठ (Ukhimath) में में भूस्खलन।
  • 17 अगस्त (August) 1998 – पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के मालपा (Malpa) में भूस्खलन में लगभग 350 लोगों की मृत्यु।
  • 10 अगस्त (August) 2002 – टिहरी (Tehri) के बुढाकेदार (Budhakedar) में भूस्खलन।
  • 2 अगस्त (August) 2004 – टिहरी बाँध (Tehri Dam) में टनल (Tunnel) धसने से 29 लोगों की मृत्यु।
  • 7 अगस्त (August) 2009 – पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के मुनस्यारी (Munsyari) में अतिवृष्टि।
  • 17 अगस्त 2010 – बागेश्वर (Bageshwar) के कपकोट (Kapkot) में सरस्वती शिशु मंदिर भूस्खलन की चपेट में 18 बच्चों की मृत्यु।
  • 16 जून (June) 2013 – केदारनाथ (Kedarnath) में अलकनंदा नदी (Alaknanda River) में आपदा से हजारों लोगो की मृत्यु।
  • 16 जून (June) 2013 – पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के धारचूला (Dharchula) धौलीगंगा व काली नदी (Dhauli Ganga & Kali River) में आपदा।

आपदा प्रबंधन (Disaster Management)

प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य में ऑस्ट्रेलियाई मॉडल (Australian Model) का गठन किया गया है। राज्य के सभी जिलो द्वारा अपने-अपने जनपदों की आपदा प्रबंधन (Disaster Management) कार्य योजना तैयार कर ली गई है।

पढ़ें उत्तराखंड की ताल एवं झीलें

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