वृद्धावस्‍था पेंशन योजना

वृद्धावस्‍था पेंशन योजना (Old Age Pension Scheme)

राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना की शुरुआत वर्ष 1995 में की गयी थी। इस योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की ओर से किया जाता है। इसके लिए भारत सरकार राज्य सरकार को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है। जिससे राज्य सरकार वृद्धावस्था पेंशन का निवाहन करती है।

योजना की शुरुआत :- 1995 में केंद्र सरकार द्वारा
लाभान्वित :- 60 वर्ष या उससे अधिक वर्ष के बुजुर्गो को।
अनुदान :- 60 वर्ष से 79 वर्ष तक आयु के वृद्धों को 400₹ प्रतिमाह तथा 80 वर्ष अथवा इससे अधिक आयु के वृद्धों को 500₹ प्रतिमाह इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के रूप में राशि प्रदान की जाती है।

विस्तार :-

राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों के द्वारा बुजुर्गो को दिए जाने वाली आर्थिक सहायता है, इसका क्रियान्वयन राज्य व केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है।

लेकिन इस योजना की प्रमुख शर्ते इस प्रकार है –

  • लाभार्थी की उम्र 60 वर्ष या उस से अधिक होनी चाहिए।
  • लाभार्थी बी0पी0एल0 परिवार का हो अथवा उसकी मसिक आय ₹4000/- से कम हो।
  • अभ्यर्थी के कोई पुत्र/पौत्र यदि 20 वर्ष से अधिक आयु के हो किन्तु गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हो तो ऐसे अभ्यर्थी पेंशन से वंचित नही किया जायेगा।
  • गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के समस्त अभ्यर्थी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में पात्र होंगे।
  • 60 वर्ष या अधिक आयु के वृद्धजन जो बी.पी.एल. चयनित परिवार के सदस्य न हों उन्हें पेंशन की पूरी धनराशि राज्य सरकार द्वारा दी जाती है।
  • इस पेंशन के अंतर्गत 200₹ केंद्र व 200₹ राज्य सरकार द्वारा निर्वहन करेगी।

इन्दिरा गॉधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना :

यह योजना राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही वृद्धावस्था पेंशन योजना के साथ संचालित की जाती है तथा 79 वर्ष एवं इससे ऊपर के पेंशनर (जो बी०पी०एल० परिवार के हों) को ₹500/- प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। प्रतिमाह ₹500/- में ₹200/- प्रतिमाह केन्द्र सरकार तथा ₹300/- राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

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