उत्तराखंड में शासन-प्रशासन प्रणाली

देश के अन्य राज्यों की तरह इसका भी शासन-प्रशासन संविधान (Constitution) के अध्याय-6 (Chapter 6) के अनुसार संचालित होता है। संविधान के अनुरूप (According) राज्य में शासन-प्रशासन की संसदात्मक प्रणाली लागू है। जिसके तीन प्रमुख संग निम्नलिखित हैं Keep Reading

उत्तराखंड का राज्य पुष्प, पक्षी, पशु, वृक्ष एवं चिन्ह

उत्तराखंड का राज्य चिन्ह, राज्य पुष्प, राज्य पक्षी, राज्य पशु एवं राज्य वृक्ष : उत्तराखंड का राज्य पुष्प ब्रह्मकमल, राज्य पक्षी मोनाल, राज्य पशु कस्तूरी मृग एवं राज्य वृक्ष बुरांस है। उत्तर प्रदेश के 13 हिमालयी जिलों (Himalyan District) को काटकर 9 नवंबर 2000 को भारतीय गणतंत्र में 27वें राज्य और हिमालयी राज्य (Himalayan State) में 11वें राज्य के रूप में उत्तराखंड… Keep Reading

उत्तराखंड राज्य के पारंपरिक परिधान

उत्तराखंड राज्य के पारंपरिक परिधान ( उत्तराखंड का पहनावा एवं उत्तराखंड की लोक संस्कृति ) : उत्तराखण्ड में मूलतः दो प्रकार के पारंपरिक परिधान पाए जाते हैं, एक कुमाऊनी परिधान (Kumauni Apparel) और दूसरे गढ़वाली परिधान (Garhwali Apparel)। क्योंकि उत्तराखंड राज्य मूलतः दो भागों में बटा हुआ है – कुमाऊँ (Kumaon) और गढ़वाल (Garhwal)। इसलिए यहाँ के पारंपरिक… Keep Reading

उत्तराखंड में होने वाली प्रमुख धार्मिक यात्राएं

उत्तराखंड में होने वाली प्रमुख धार्मिक यात्राएं : उत्तराखंड में कैलाश मानसरोवर यात्रा, नंदा राज जात यात्रा, हिल यात्रा, खतलिंग रुद्रा देवी यात्रा, पंवाली कांठा केदार यात्रा, सहस्त्र ताल महाश्र यात्रा, वारुणी यात्रा आदि कई धार्मिक यात्रा का आयोजन होता है। उत्तराखंड में कई मंदिर और धार्मिक यात्राऐं होने के कारण ही उत्तराखंड को ‘देव भूमि’… Keep Reading

उत्तराखंड के प्रमुख मेले और पर्व

भारत में मनाये जाने वाले सभी प्रमुख त्यौहार उत्तराखंड में भी बनायें जाते हैं जैसे दीपावली, होली, दशर आदि। इनके अलावा हरेला, भिटुली, बसंत पंचमी, फूलदेई, वटसावित्री, घुघुतिया, गुइयाँ एकादशी आदि उत्तराखंड के प्रमुख त्यौहार हैं। Keep Reading

उत्तराखंड में प्रयुक्त होने वाले वाद्य यंत्र

उत्तराखंड के लोक वाद्य यंत्र या उत्तराखंड में प्रयुक्त होने वाले पारम्परिक वाद्य यंत्र बिणाई, हुड़की, दमाऊ, डोर थाली आदि की जानकारी यहाँ दी गयी है। उत्तराखंड के लोक वाद्य यंत्र उत्तराखंड के संगीत में प्रकृति का वास है। यहां के गीत-संगीत की जड़ें प्रकृति से जुडी हुई हैं। जिस प्रकार उत्तराखंड की वेशभूषा कुछ अलग… Keep Reading

उत्तराखंड में फिल्मों और नाट्य कला का इतिहास

उत्तराखंड में फिल्मों और नाट्य कला का इतिहास 1983 में आयी पहली गढवाली फिल्म जग्वाल (Jagwal) से शुरु होता है। 1983 से 2009 तक कुल 58 गढ़वाली बोली की और 4 कुमाऊनी बोली की फिल्में प्रदर्शित हुई है। सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या घटते जाने के कारण 2005 के बाद से प्रायः वीडियो फिल्में बनाई जा रही है। कुमाऊनी बोली की… Keep Reading

उत्तराखंड की पारंपरिक नृत्य कला

उत्तराखंड के प्रमुख नृत्य एवं उत्तराखंड की प्रमुख नृत्य कला : उत्तराखंड राज्य में लोक-नृत्यों (Folk Dances) की परंपरा बहुत प्राचीन है। विभिन्न अवसरों पर लोकगीतों (Folk Songs) के साथ-साथ या बिना लोकगीतों के बाजों (Instrument) की धुन पर नृत्य किए जाते है। राजा महाराजाओं के समय से ही उत्तराखंड प्रदेश में कई प्रसिद्ध मेले लगते… Keep Reading

उत्तराखंड की संगीत कला व लोक गीत

शैली (Style), भाषा (Language), वर्ण (Caste), विषय (Subject) और गायन समय (Singing Time) आदि के आधार पर उत्तराखंड राज्य के लोकगीतों (Folk Songs) को कई भागो या प्रकार (Types) में बांटा जा सकता है। जो निम्नलिखित है Keep Reading

उत्तराखंड में शिल्पकला के प्रकार

राज्य में शिल्पकला की एक समृद्ध परंपरा (Rich tradition) रही है, जो की वर्तमान में हस्तशिल्प उद्योग (Handicraft industry) के रूप में फल-फूल रहा है। शिल्प-कला के प्रमुख भाग निम्नवत हैं Keep Reading

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