उत्तराखंड के वन क्षेत्र, वनों के प्रकार, वन आच्छादित क्षेत्र, वन नीतियाँ और वन सम्बन्धी आन्दोलन

राष्ट्रीय वन नीति 1998 के अनुसार देश की कुल क्षेत्रफल के 33% भाग पर वन होने आवश्यक है, जिसमें पर्वतीय क्षेत्र में कम से कम 60% और मैदानी क्षेत्रों में कम से कम 25% वन होने आवश्यक है। Keep Reading

उत्तराखंड के प्रमुख ग्लेशियर व हिमनद

उत्तराखंड राज्य में पर्यटन स्थलों की कोई कमी नहीं है और यहाँ के ग्लेशियर भी आकर्षण का केंद्र रहे हैं क्योंकि उत्तराखंड का 86 प्रतिशत भाग पहाड़ी है इसलिए यहाँ पर बहुतायत मात्रा में हिमनद व ग्लेशियर पाए जाते हैं। Keep Reading

उत्तराखंड राज्य में बहने वाली प्रमुख नदियां व उनके उद्गम स्थल

उत्तराखंड में अधिकांशतः नदियों का प्रवाह दक्षिण या दक्षिण-पूर्व दिशा में है, राज्य में कई छोटे-बड़े नदी-तंत्र हैं, जिसमे काली नदी तंत्र, गंगा नदी तंत्र और यमुना नदी तंत्र मुख्यत: हैं। Keep Reading

उत्तराखंड की जलवायु

उत्तराखंड राज्य (Uttarakhand State) का ज्यादातर हिस्सा पहाड़ व वनों से भरा हुआ है जिस कारण यहाँ का तापमान मैदानी राज्यों के मुकाबले कम ही रहता है। और ज्यादातर इलाकों में ठंडा रहता है। Keep Reading

उत्तराखंड का भूगोल व भोगोलिक संरचना

उत्तराखंड (Uttarakhand) के 86 प्रतिशत भाग पर पहाड़ एवं 65 प्रतिशत भाग पर जंगल पाए जाते हैं। स्वतंत्रता के समय भारत में केवल एक ही हिमालयी राज्य 'असम' (Assam) था। Keep Reading

उत्तराखंड अलग राज्य हेतु आन्दोलन

उत्तराखंड (Uttarakhand) को एक अलग राज्य का दर्ज देने की मांग भारत की आजादी से पहले भी उठती रही थी। अंग्रेज शासन में भी कई जगह अधिवेशन करके अलग राज्य की मांग उठाई गयी थी। Keep Reading

उत्तराखंड में हुए स्वतंत्रता आन्दोलन

आजदी से पहले भारत में कई स्वतंत्रता आंदोलन (Freedom Movements) हुए, जिस से उत्तराखंड (Uttarakhand) भी अछूता नहीं रहा। कुली बेगार और डोला पालकी जैसे बड़े आंदोलन भी उत्तराखंड में हुए। साथ ही कई बार भारत की स्वतंता का स्वर भी उत्तराखंड में उठता रहा। Keep Reading

समय-समय पर उत्तराखंड राज्य में हुए प्रमुख जन-आन्दोलन

समय-समय पर उत्तराखंड राज्य में कई आन्दोलन (Uttarakhand Movement) हुए है। जिनमे से कुछ का मक़सद अपना अधिकार पाना था, तो कुछ का मक़सद उत्तराखंड (Uttarakhand) को एक अलग राज्य का दर्जा दिलाना था। Keep Reading

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