उत्तराखंड में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या

उत्तराखंड में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या

उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति जनसंख्या (Uttarakhand Scheduled Tribes Population) :

अनुसूचित जनजाति (Tribes) शब्द सबसे पहले भारत के संविधान में इस्तेमाल हुआ था। अनुच्छेद 366 (25) में अनुसूचित जनजातियों को “ऐसी जनजातियां (Tribes) या जनजाति समुदाय या इनमें सम्मिलित जनजाति समुदाय के भाग या समूहों को संविधान के प्रयोजनों हेतु अनुच्छेद 342 के अधीन अनुसूचित जनजातियां माना गया है” पारिभाषित किया गया है। अनुच्छेद 342, जिसे नीचे पुन: बताया गया है अनुसूचित जनजातियों को सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाएं बताई गई हैं।

उत्तराखंड में मुख्य रूप से जौनसारी (Jaunsari), थारू (Tharu), भोटिया (Bhotia/Bhotiya), बोक्सा (Boksa) एवं राजी (Raji) आदि जन जातियां (Tribes) निवास करती है। जिन्हें 1967 में ही अनुसूचित जनजाति घोषित किया गया था। इन 5 जनजातियों के अलावा राज्य में कुछ अन्य जनजातियां भी निवास करती है। लेकिन उनकी आबादी (Population) बहुत कम है।

उत्तराखंड के जनपदों में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या एवं उनका प्रतिशत

जनपदजनपद में अनुसूचित जनजाति (ST)
की जनसंख्या (घटते क्रम में)
जनपद की कुल जनसंख्या में
अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रतिशत
ऊधम सिंह नगर1,23,0377.46
देहरादून1,11,6636.58
पिथौरागढ़19,5354.04
चमोली12,2603.13
नैनीताल7,4950.78
हरिद्वार6,3230.33
उत्तरकाशी3,5121.06
पौढ़ी2,2150.32
बागेश्वर1,9820.76
चम्पावत1,3390.51
अल्मोड़ा1,2810.20
टिहरी8750.14

 

आरक्षण (Reservation)

  • राज्य विधानसभा के कुल 70 सीटों में से 2 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
  • अनुसूचित जनजाति (Tribe) के लिए आरक्षण दो सीटों में से एक चकराता (देहरादून) में तथा दूसरी नानकमत्ता (उधम सिंह नगर) में है।
  • उत्तराखंड सरकार ने जुलाई 2001 में एक शासनादेश द्वारा राजकीय सेवाओं, शिक्षण, संस्थाओं, सार्वजनिक उद्यमों एवं निगमों में अनुसूचित जनजाति  के लिए 4% सीटों के आरक्षण की व्यवस्था की है।

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