Theater and Film History of Uttarakhand Garhwali Kumaoni Cinema - Hindi

उत्तराखंड में फिल्मों और नाट्य कला का इतिहास

Theater and Film History of Uttarakhand

कुमाऊनी – गढ़वाली बोली (Kumauni-Garhwali Languages) में सिनेमा (Cinema) का इतिहास 1981 की फिल्म जग्वाल (Jagwal) (पहली गढवाली फिल्म – first Garhwali film) से शुरु होता है। 1981 से 2009 तक कुल 58 गढ़वाली बोली की और 4 कुमाऊनी बोली की फिल्में प्रदर्शित हुई है। सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या घटते जाने के कारण 2005 के बाद से प्रायः वीडियो फिल्में बनाई जा रही है।

जग्वाल (Jagwal) – गढ़वाली भाषा में

Jagwal first Garhwali film
Film- Jagwal, first Garhwali film

राज्य की प्रथम फिल्म, निर्माता पारेश्वर गौड़ (Pareshwar Gaur) द्वारा निर्मित है।इसके नायक पारेश्वर गौड़ (Pareshwar Gaur) व रमेश मैन्दोलिया (Ramesh Mandolia) और नायिका कुसुम बिष्ट (Kusum Bisht) थी।

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Jagwal was the first film of Uttarakhand, and also the first film of Garhwal region.

घरजवैं (Gharjavan) – गढ़वाली भाषा में

विश्वेश्वर दत्त नौटियाल (Vishweshwar Dutt Nautiyal) द्वारा निर्मित, यह 35MM की एकमात्र गढ़वाली फिल्म है। यह 1985 में बनी और दिल्ली के संगम सिनेमा हॉल (Sangam Cinema Hall) में लगातार 29 सप्ताह चली। यह सर्वाधिक सफल गढ़वाली फ़िल्म रही है। इसमें अभिनेता बलराज नेगी (Balraj Negi) और अभिनेत्री शांति चतुर्वेदी (Shanti Chaturvedi) थी।

Gharjavan is the most successful film of Garhwal.

मेघा आ (Megha Aa) – कुमाऊनी भाषा में

Megha Aa first Kumaoni film
Film- Megha Aa, first Kumaoni film

मेघा आ कुमाऊनी बोली की प्रथम फिल्म थी।

Megha Aa was the first Kumaoni film.

रामलीला (Ramlila)

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक रामलीला पुरे भारत में आयोजित की जाती है। उसी प्रकार उत्तराखंड के सभी क्षेत्रों में रामलीला का आयोजन होता है। कुछ हिस्सों में इसका आयोजन दशहरे के अवसर पर होता है, तो कुछ क्षेत्रों में खरीफ की फसल काटने के उपरांत।  कुरवांचल रामलीला मूलतः अल्मोड़ा शैली की रामलीला मानी जाती है।

पढ़ें उत्तराखंड की पारंपरिक नृत्य कला। व उत्तराखंड की संगीत कला एवं लोक गीत

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