बेरोजगारी क्या है और बेरोजगारी के कारण

बेरोजगारी क्या है और बेरोजगारी के कारण

बेरोजगारी क्या है (What is Unemployment in hindi), बेरोजगारी के प्रमुख कारण (Causes of Unemployment in hindi),
बेरोजगारी के कारण पर निबंध आदि प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं।

बेरोजगारी क्या है ? (What is Unemployment in hindi)

बेरोजगारी से तात्पर्य उस स्थिति से है जब प्रचलित मजदूरी की दर पर कार्य करने के इच्छुक लोग किसी भी प्रकार के रोजगार से वंचित रह जाते हैं। बेरोजगारी एक विश्वव्यापी समस्या है जो वर्तमान में न केवल अविकसित बल्कि विकसित राष्ट्रों की भी प्रमुख समस्या है। बेरोजगारी का प्रमुख कारण सामान्यतः जनसंख्या वृद्धि, अशिक्षा व पूंजी की कमी है जो वर्तमान के सभी युवा वर्गों में एक बहुत बड़ा निराशा का कारण बनी हुई है।

बेरोजगारी के प्रमुख कारण (Causes of Unemployment in hindi)

जनसंख्या वृद्धि (जनसंख्या विस्फोट)

वर्तमान में बेरोजगारी का प्रमुख कारण जनसंख्या वृद्धि है जिसे जनसंख्या विस्फोट के नाम से भी जाना जाता है। भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण बेरोजगारी को बहुत बढ़ावा मिला है वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश के लगभग 11% जनसंख्या बेरोजगार है जिन्हे रोजगार की आवश्यकता है। अतः यह कहा जा सकता है की जनसंख्या की अत्यधिक वृद्धि रोजगार के अवसरों की वृद्धि से कम है जिसके कारण बेरोजगारी उत्पन्न हो रही है।

दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली

किसी भी देश की शिक्षा प्रणाली उस देश की सभी स्थितियों जैसे – सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पर अपना प्रभाव डालती है। बेरोजगारी की समस्या का एक प्रमुख कारण दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली है। दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली से आशय शिक्षा के अभाव यानी अशिक्षा से है जो किसी भी देश के युवाओं के लिए आवश्यक होती है। भारत की शिक्षा प्रणाली में केवल साधारण एवं साहित्यिक शिक्षा ही दी जाती है तथा जिनमें प्रायोगिक विषयवस्तु का अभाव पाया जाता है, एक अच्छी शिक्षा से वंचित रह जाने के कारण व्यक्ति एक अच्छा रोजगार हासिल नहीं कर पाता है। यही कारण है की भारत में बेरोजगारी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रहीं है।

तीव्र उदारीकरण

उदारीकरण भी बेरोजगारी का एक प्रमुख कारण रहा है इसके अंतर्गत नए-नए व बड़े-बड़े उद्योग धंधों की स्थापना की गई है। वर्ष 1991 में नई आर्थिक नीतियों को अपनाने के पश्चात भारतीय अर्थव्यवस्था में कई परिवर्तन हुए हैं। जिसके चलते उद्योग धंधों के कारण विदेशी मुद्रा भंडारों को तो बढ़ावा मिला है परन्तु इससे छोटे उद्योग धंधों को चलाने वाले मजदूरों को बेरोजगारी से संबंधित बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

निर्धनता

निर्धनता किसी भी व्यक्ति के बेरोजगार होना एक प्रमुख कारण है। भारत में निर्धनता के कारण लोगों को उचित संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते है। इसके अलावा निर्धन व्यक्ति एक अच्छी शिक्षा से भी वंचित रह जाता है जिससे वह एक अच्छा रोजगार प्राप्त नहीं कर पाता है और बेरोजगार रह जाता है।

कृषि क्षेत्र का पिछड़ापन

भारत एक कृषि प्रधान देश है जिसकी संपूर्ण जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। वर्तमान में जनसंख्या विस्फोट के कारण कृषि क्षेत्र काफी पिछड़ गया है क्योंकि कृषि के कार्यों की प्रकृति पछड़ी हुई है। कृषि की विधियों में तकनीकों के अभाव, संस्थागत सुधार जैसे – भूमि सुधार, चकबन्दी, भूमिधारिता की सीमा आदि के कारण बेरोजगारी बढ़ी है। इसके अलावा काश्तकारी सुधार, राजनीतिक एवं प्रशासनिक अदक्षता एवं किसानों के व्यवहार में असहयोग की भावना का होना भी बेरोजगारी का प्रमुख कारण है। कृषि के अच्छे अवसर प्राप्त न होने के कारण ग्रामीण इलाकों की बहुत सारी जनसंख्या का नगरों की ओर पलायन करने से नगरों में बेरोजगारी की समस्या को देखा गया है।

मशीनीकरण

मशीनीकरण से आशय कार्यों को पूरा करने के लिए मशीनों के उपयोग से है। पहले रोजगार के आधे से ज्यादा कार्य लोगों द्वारा पूरे किए जाते और बेरोजगार जैसी समस्या कम ही थी परन्तु वर्तमान में लगभग सभी कार्य मशीनों द्वारा ही किए जाते है अतः मशीनीकरण से कई लोगों का रोजगार छिन जाने के कारण देश में बेरोजगारी की समस्या में वृद्धि होने लगी है।

तृतीयक क्षेत्रों की धीमी गति

तृतीयक क्षेत्रों के अंतर्गत वाणिज्य, यातायात, व्यापार आदि क्षेत्रों को सम्मिलित किया जाता है। अर्थात भारत में इन सभी तृतीयक क्षेत्रों का विस्तार सीमित होने के कारण यहाँ नए और उत्तम श्रम का अभाव रहता है। जिसके प्रमुख कारण यह है की इंजीनियरों, प्रौद्योगिक रूप में प्रशिक्षित व्यक्तियों, डॉक्टरों और अन्य सभी तकनीशियनों में बेरोजगारी उत्पन्न हो गई है।

नए रोजगारों की अपर्याप्तता

कई तकनीकी समस्याओं के कारण और बढ़ती जनसंख्या के कारण रोजगार के अवसर नहीं बढ़ पा रहे है। अतः जनसंख्या को पर्याप्त रूप से रोजगार उपलब्ध न होने का प्रमुख कारण रोजगार के अवसरों में वृद्धि न होना है।

इन सभी प्रमुख कारणों के अलावा क्षेत्रीय असमानताएं, दोषपूर्ण सामाजिक प्रणालियाँ और फुटकर के कारण भी किसी भी देश में व्याप्त बेरोजगारी की समस्या का प्रमुख कारण है। अतः बेरोजगारी आधुनिक समय की एक बहुत ही गंभीर और बड़ी समस्या है जिसके निवारण के लिए कृषि निर्माण, जनसंख्या नियंत्रण, शिक्षा प्रणाली में सुधार, तृतीयक क्षेत्रों के विकास, लघु एवं कुटीर उद्योगों का विस्तार, विभिन्न तकनीकों को बनाना आदि में सुधार करना आवश्यक है।

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