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History

भारत में आये प्रमुख विदेशी यात्री

भारत में आये प्रमुख विदेशी यात्री एवं दूत : भारत के इतिहास में समय-समय पर कई प्रख्यात विदेशी यात्री एवं दूतों ने भ्रमण किया। कुछ  विदेशी यात्री भारत में अध्ययन-यात्रा के लिए आये, तो कुछ शासन-प्रशासन समझने के लिए भारत आये तो कई यात्री भारत में व्यापार की संभावनाएं तलाशने के उद्देश्य से भारत आये। इन्हीं विदेशी यात्रियों में से कुछ… Keep Reading

1857 की क्रांति

1857 के संघर्ष को लेकर इतिहासकारों के विचार एक समान नहीं हैं। कुछ विद्वानों का यह मानना है कि 4 महीनों का यह उभार किसान विद्रोह था तो कुछ इस महान घटना को सैन्य विद्रोह मानते हैं। वी.डी. सावरकर की पुस्तक “द इंडियन वॉर ऑफ़ इंडिपेंडेंस” (1909 में प्रकाशित) में इसे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम माना… Keep Reading

गाँधी जी

जन्म : – 02 अक्टूबर, 1869, पोरबंदर, काठियावाड़ एजेंसी पूरा नाम : – मोहनदास करमचंद गांधी पिता का नाम : – करमचंद गाँधी माता का नाम : – पुतलीबाई गाँधी पत्नी का नाम : –  कस्तूरबा मृत्यु : –  30 जनवरी 1948, दिल्ली प्रारंभिक जीवन गाँधी जी का जन्म  गुजरात के एक तटीय शहर पोरबंदर में 2 अक्टूबर सन् 1869 को हुआ था। उनके पिता करमचन्द… Keep Reading

भारत में हुए प्रमुख युद्ध

भारत में समय-समय पर कई युद्ध हुए जोकि विभिन्न वंश के शासकों, राजाओं और यूरोपीय शक्तियों के मध्य हुए। ये युद्ध भारत के इतिहास में दर्ज महत्वपूर्ण घटनाये हैं। इन्हीं में से भारतीय इतिहास के कुछ प्रमुख युद्ध व लड़ाईयां निम्न प्रकार हैं – भारतीय इतिहास में हुए मुख्य युद्ध व लड़ाईयाँ कलिंग का युद्ध – यह युद्ध 261 ई. पू.… Keep Reading

बक्सर का युद्ध

23 जून, 1757 ई. में प्लासी के युद्ध में बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति मीरजाफर विश्वाशघात कर अंग्रजों से मिल गया, जिस कारण अंग्रेजों ने युद्ध में जीत प्राप्त कर सिराजुद्दौला को मृत्यु दण्ड देकर, मीरजाफर को बंगाल का नवाब नियुक्त किया। मीरजाफर अंग्रेजों की कठपुतली मात्र था जो अंग्रजों के मन-मुताबिक कार्य करता था। पर जब वह… Keep Reading

भारत के गवर्नर जनरल तथा वायसरॉय

भारत के गवर्नर जनरल (Governor General of India) भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटिश राज का प्रधान पद था। जिसपर सिर्फ अंग्रेजो का अधिकार था। स्वतंत्रता प्राप्ति से पूर्व कोई भी भारतीय इस पद पर नहीं बैठा। गवर्नर जनरल ऑफ द प्रेसीडेंसी ऑफ फोर्ट विलियम के शीर्षक के साथ इस कार्यालय को 1773 में सृजित किया गया था। 1858 ई. तक गवर्नर… Keep Reading

प्लासी का युद्ध

प्लासी का युद्ध 23 जून, 1757 ई. को अंग्रेजों और बंगाल के तत्कालीन नवाब सिराजुद्दौला के मध्य प्लासी नामक स्थान पर हुआ था। जिसमें अंग्रेजी सेना का नेतृत्व रॉबर्ट क्लाइव तथा नवाब की सेना का नेतृत्व मीर जाफर ने किया था। प्लासी युद्ध के परिणाम स्वरूप भारत में अंग्रेज शक्ति और प्रबल हो गयी, जिसने… Keep Reading

भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन

प्राचीन काल से ही विदेशी व्यपार हेतु भारत आया करते थे, व्यापार हेतु ही भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन हुआ। सर्वप्रथम पुर्तगाली जलमार्ग होते हुए भारत आये, उनके बाद क्रमशः डच, ब्रिटिश और फ्रांसीसी भारत आये। जल्द ही भारत के समुद्र के निकटवर्ती और समुद्री इलाकों व सामुद्रिक व्यापर पर यूरोपियों का एकाधिकार हो गया। पुर्तगाली 17… Keep Reading

मराठा साम्राज्य

मराठा राज्य का निर्माण एक क्रान्तिकारी घटना है। विजयनगर के उत्थान से भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण तत्व आया था। मराठा संघ एवं मराठा साम्राज्य एक भारतीय शक्ति थी जिन्होंने 18 वी शताब्दी में भारतीय उपमहाद्वीप पर अपना प्रभुत्व जमाया हुआ था। इस साम्राज्य की शुरुआत सामान्यतः 1674 में छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के… Keep Reading

औरंगजेब (1658-1707 ई.)

औरंगजेब का जन्म 3 नवम्बर, 1618 को उज्जैन के पास स्थित दोहन नामक स्थान पर हुआ था। औरंगजेब को ‘जिन्दा पीर‘ के नाम से भी जाना जाता था। औरंगजेब के पिता का नाम शाहजहां था। शाहजहां के चार पुत्र और तीन पुत्रियां थी, शाहजहां के बिमार होने के कारण उसके सभी उत्तराधिकारियों के बीच मुग़ल साम्राज्य का शासक… Keep Reading

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