Category archive

History

प्लासी के युद्ध के उपरान्त बंगाल की स्थिति

प्लासी के युद्ध के उपरान्त बंगाल की स्थिति: प्लासी का युद्ध भारत के प्रमुख युद्धों में से एक है। यह युद्ध इस नजर से भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि यह वह पहला अवसर था जब अंग्रेजों ने खुलकर एक भारतीय शक्ति का विरोध किया और इसमें वे सफल भी रहे। 23 जून, 1757 को… Keep Reading

बंगाल का इतिहास

बंगाल का इतिहास: बंगाल का इतिहास यूँ तो सोलहवीं शताब्‍दी में मुगल काल के प्रारम्भ होने से भी पुराना है। जहाँ पर अनेक मुस्लिम राजाओं, सुल्तानों और बंगाल के नवाबों ने शासन किया। इन्हीं से जुड़े प्रश्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं उन्हीं को ध्यान में रखकर बंगाल के इतिहास की जानकारी यहाँ दी… Keep Reading

चेर वंश

चेर वंश : चेर वंश का प्रथम शासक और संस्थापक उदियन जेरल (उदयिन जेरल) को माना जाता है। चेर वंश का साम्राज्य पांड्य देश के पश्चिम और उत्तर में समुद्र और पहाड़ों के मध्य स्थित था। उन्होंने केरल और तमिल के कुछ भागों में शासन किया था। chera dynasty in hindi, chera vansh in hindi.… Keep Reading

चोल साम्राज्य

चोल साम्राज्य : चोल साम्राज्य के उदय के सम्बन्ध में जानकारी संगम युग (तीसरी शताब्दी) से मिलनी प्रारम्भ होती है। संगम साहित्य में दो चोल नरेशों करिकाल एवं कोच्चेनगनान का वर्णन मिलता है। चोल साम्राज्य को चोल मण्डलम् के नाम से भी जाना जाता था और यह पेन्नार और कावेरी नदियों के मध्य पूर्वी तट… Keep Reading

कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी चालुक्य)

कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी चालुक्य): कल्याणी के चालुक्यों को पश्चिमी चालुक्य भी कहा जाता हैं। कल्याणी के चालुक्य का उदय राष्ट्रकूट वंश के पतन के बाद उसी स्थान पर हुआ था। कल्याणी के चालुक्यों का मूल स्थान कन्नड़ प्रदेश (वर्तमान केरल) है। chalukya dynasty upsc in hindi, kalyani ke chalukya upsc notes in hindi. कल्याणी… Keep Reading

राष्ट्रकूट वंश

राष्ट्रकूट वंश (753-973 ई०): प्राप्त अभिलेख के अनुसार राष्ट्रकूट वंश का मूल निवास स्थान लाटूर जिले का बीदर माना गया है। किन्तु बाद में एलिचपुर (वर्तमान बरार) में इस वंश की स्थापना हुयीं। राष्ट्रकूट वंश का अपना स्वतंत्र शासन स्थापित करने से पूर्व राष्ट्रकूट बादामी के चालुक्यों के सामंत थे। rashtrakuta vansh upsc notes in… Keep Reading

पल्लव वंश

पल्लव राजवंश: पल्लव राजवंश की स्थापना की जानकारी में मतभेद है। अवशेषों के अनुसार कहा जा सकता है कि सातवाहन वंश के पतन के बाद ही इस वंश की स्थापना हुयी। कुछ इतिहासकार पल्लव वंश का संस्थापक बप्पदेव को मानते हैं जो आंध्र प्रदेश पर शासन करता था। पल्लव वंश की राजधानी कांची थी। इस… Keep Reading

चालुक्य वंश (बादामी/वातापी के चालुक्य – मुख्य शाखा)

चालुक्य वंश : चालुक्य वंश की मुख्यतः तीन शाखाएँ थी, पहली बादामी/वातापी के चालुक्य जिसे मूल शाखा भी कहा जाता है, दूसरी थी वेंगी के चालुक्य जिसे पूर्वी शाखा भी कहा जाता है और तीसरी थी कल्याणी के चालुक्य जिसे पश्चिमी शाखा भी कहा जाता है। Chalukya Dynasty in Hindi, chalukya vansh gk notes. चालुक्यों… Keep Reading

चौहान वंश

चौहान वंश : चौहान वंश की स्थापना वासुदेव द्वारा 551 ई0 में सपादलक्ष के क्षेत्र में की गयी थी। वासुदेव को ही चौहानों का आदि पुरूष भी कहा जाता है। संभार झील का बिजोलिया शिलालेख चौहान वंश की स्थापना के सम्बन्ध में जानकारी देता है। chauhan dynasty notes in hindi. चौहान वंश के प्रमुख राजाओं… Keep Reading

आंग्ल-सिख युद्ध

आंग्ल-सिख युद्ध: अंग्रेजों एवं सिखों के मध्य हुए दो युद्धों को आंग्ल-सिख युद्ध के रूप में सम्बोधित किया जाता है। ये युद्ध वर्ष 1845-1849 के मध्य लड़े गए थे। इन युद्धों के परिणामस्वरूप पंजाब में सिख साम्राज्य का अंत हुआ और संपूर्ण सिख क्षेत्र अंग्रेजी हुकूमत के अन्तर्गत आ गया। आंग्ल-सिख युद्ध notes in hindi.… Keep Reading

1 2 3 6