डाउनलोड और अपलोड क्या होता है ? अपलोड और डाउनलोड में अंतर

डाउनलोड और अपलोड क्या होता है ? अपलोड और डाउनलोड में अंतर

डाउनलोड और अपलोड क्या होता है, अपलोड और डाउनलोड में क्या अंतर होता है : डाउनलोड क्या होता है ?, अपलोड क्या होता है ?, What is Download in hindi, What is Upload in hindi, What is the difference between upload and download in hindi आदि प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं।

डाउनलोड क्या होता है ? (What is Download in hindi)

जब किसी फाइल को सर्वर से स्माल पेरिफेरल इकाई पर ट्रांसफर किया जाता है तो उसे डाउनलोडिंग कहा जाता है। कंप्यूटर नेटवर्क में डाउनलोडिंग का अर्थ किसी लोकल सिस्टम या रिमोट सिस्टम पर डाटा को रिसीव करना होता है। सामान्य शब्दों में जब हमारे कंप्यूटर या अन्य किसी डिवाइस में किसी भी प्रकार का डाटा आता है तो उसे डाउनलोड कहलाता है।

उदाहरण के लिए – यदि हमें किसी भी व्यक्ति ने कोई फाइल भेजी है और हम उस फाइल को अपनी डिवाइस में रखना चाहते है तो इंटरनेट के माध्यम से हम उस फाइल को अपनी डिवाइस में डाउनलोड कर सकते है जिससे वह फाइल और उसका डाटा हमारी डिवाइस में आ जाता है। अपने कंप्यूटर या मोबाइल में किसी भी वेबसाइट से किसी भी जानकारी को कॉपी करके उस जानकारी को सुरक्षित रखना ही डाउनलोडिंग कहलाता है। गानों को अपने मोबाइल या कंप्यूटर में इंटरनेट के माध्यम से जब हम सुरक्षित रखते है तो उसे हम डाउनलोडिंग कहते है।

अपलोड क्या होता है ? (What is Upload in hindi)

जब  पेरिफेरल सिस्टम से बड़े सेंट्रल सिस्टम पर कॉपी किया जाता है तो उसे अपलोडिंग कहा जाता है। जब हमारे कंप्यूटर या अन्य डिवाइस से किसी भी प्रकार का डाटा किसी दूसरे सर्वर पर जाता है तो उसे अपलोड कहा जाता है।

उदाहरण के लिए – यदि हम अपनी कोई भी पिक्चर फेसबुक या इंस्टाग्राम में डालते है तो वह पिक्चर अपलोड करना कहलाता है। एक लोकल सिस्टम से रिमोट सिस्टम में डाटा को रिसीव करना ही अपलोड कहलाता है। अपलोडिंग फाइल शेयरिंग होता है जो P2P नेटवर्क में होता है। कंप्यूटर या अन्य डिवाइसों में बहुत सारे स्टोरेज वेबसाइट में फाइल अपलोड करना अलाउड होता है और यह यूजर्स को फाइल्स को अपलोड करने के लिए एक्सेस करने में मदद करती है। अपलोडिंग के माध्यम से किसी भी फाइल या पिक्चर को बहुत कम समय में पब्लिक भी किया जा सकता है। अपलोडिंग की स्पीड को Megabits per second (Mbps) में मापा जाता है।

अपलोड (Upload) और डाउनलोड (Download) में क्या अंतर होता है ?

अपलोड (Upload) और डाउनलोड (Download) में क्या अंतर –

 अपलोड (Upload) डाउनलोड (Download)
 इसमें कोई भी फाइल की कॉपी छोटे पेरीफेरल सिस्टम से एक बड़े सेंट्रल सिस्टम पर होती है। इसमें किसी फाइल का ट्रांसफर एक बड़े सर्वर से छोटे पेरीफेरल यूनिट पर होता है।
 इसमें रिमोट सिस्टम से सर्वर सिस्टम तक डाटा सेंड किया जाता है। इसमें सर्वर से पर्सनल सिस्टम पर डाटा रिसीव किया जाता है।
 अपलोड डाउनलोड प्रॉसेस से विपरीत होता है। डाउनलोड अपलोड से विपरीत होता है।
 जब किसी सर्वर में कोई फाइल अपलोड हो रही हो तो सर्वर में ज्यादा स्पेस की आवश्यकता होती है। जब कोई फाइल डाउनलोड हो रही हो तो कंप्यूटर या डिस्क में ज्यादा स्पेस होना आवश्यक होता है।
 अपलोडिंग में क्लाइंट से सर्वर तक डाटा ट्रांसफर होता है। डाउनलोड में सर्वर से क्लाइंट तक डाटा सर्वर होता है।
 इसमें दूसरों से भी आसानी से फाइल एक्सेस की जा सकती है। इसमें फाइल्स केवल लोकल सिस्टम के ओनर द्वारा ही एक्सेस की जा सकती है।
 अपलोडिंग में किसी फाइल को अपलोड करना फाइल के साइज पर निर्भर करता है। डाउनलोडिंग में किसी फाइल को डाउनलोड करना फाइल के साइज पर निर्भर करता है।
 अपलोडिंग में वायरस का कोई भी खतरा नहीं होता है इससे हमारी डिवाइस में कोई वायरस प्रवेश नहीं कर सकते है। डाउनलोडिंग में वायरस का खतरा बना रहता है जब हम किसी भी फाइल को अपनी फाइल में डाउनलोड करते है तब उस फाइल से वायरस आने का खतरा बना रहता है

डाउनलोड (Download) करने का सही तरीके –

  1. यदि आप अपने कंप्यूटर या अन्य किसी डिवाइस में बहुत सारी ऍप्लिकेशन्स में काम कर रहे है तो किसी भी फाइल को डाउनलोड करने से पहले उन खुली हुई सभी ऍप्लिकेशन्स को क्लोज कर लेना चाहिए जिससे फाइल डाउनलोड में कोई परेशानी न हो सके।
  2. फाइल डाउनलोड करने से पहले एंटीवायरस और फायरवॉल को सेट कर लेना चाहिए। एंटीवायरस और फायरवॉल डाउनलोडेड फाइल को ऑटोमेटिकली स्कैन करती है।
  3. ईमेल के अटैचमेंट्स को स्कैन किये बिना कोई भी फाइल डाउनलोड न करें।
  4. ऐसी वेबसाइट्स से कोई भी फाइल जैसे – म्यूजिक, वीडियो और गेम आदि को डाउनलोड न करें जिसमें विश्वास न किया जा सके क्योंकि कई वेबसाइट्स में बहुत अधिक मात्रा में वायरस हो सकते है।
  5. किसी भी फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसका URLs जरूर चैक करें और हमेशा उन्ही वेबसाइट्स का इतेमाल करे जो https (hypertext transfer protocol secure) का समर्थन करता हो।
  6. किसी भी फाइल को डाउनलोड करने से पहले उस फाइल के टर्म्स और कंडीशन जरूर पड़े।
  7. यदि किसी फाइल को डाउनलोड करते वक्त कोई खराब शब्द प्रदर्शित होता है तो उसे वही पर बंद कर दें इससे आपके सिस्टम में कोई अनवांटेड सॉफ्टवेयर या फ्रीवेयर डाउनलोड नहीं होगा।

अपलोड (Upload) की स्पीड डाउनलोड (Download) की स्पीड से कम होती है क्योंकि हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शंस जिसमें केबल मॉडेम्स और डीएसएल आते है वे सारे asymmetric होते है और उन्हें ख़ास तौर से ऐसे डिज़ाइन किया जाता जिससे वे अपलोडिंग की तुलना में डाउनलोडिंग में बेहतर स्पीड दे सकें। अपलोडिंग की अपेक्षा डाउनलोडिंग की स्पीड अधिक होती है इसका यह भी कारण होता है की ज्यादातर यूजर्स ज्यादा समय डाउनलोडिंग में लगाते है अपलोडिंग की अपेक्षा इस कारण भी हाई स्पीड प्रोवाइडर अपने सिस्टम को ऐसे डिज़ाइन करते है जो डाउनलोडिंग को जयादा प्राथमिकता देते है।

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