वृष्टि छाया क्षेत्र एवं अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ)

वृष्टि छाया क्षेत्र एवं अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ)

वृष्टि छाया क्षेत्र

जब आद्र पवने पहाड़ी से टकराकर ऊपर उठने लगती है तब उसके तापमान में कमी आने लगती है जिसे एडियाबेटिक ताप ह्रास कहा जाता है जिससे आद्र हवाएं संघनित होकर जल बूंदों के रूप में गिरने लगती है। इसके विपरीत जब पहले पहाड़ी की दूसरी तरफ से ढ़ाल के साथ नीचे उतरती है तब इन पवनों से वर्षा नहीं होती है जिसके दो प्रमुख कारण हैं-

  • इन पवनों में आद्रता की मात्रा कम हो जाती है।
  • जब ये पवने पहाड़ की दूसरी ढ़ाल से नीचे उतरती हैं तब इनके तापमान में वृद्धि होने लगती है जिसे एडियाबेटिक ताप वृद्धि कहते है जिस कारण इन पवनों की आद्रता ग्रहण करने की क्षमता बढ़ जाती है।
  • पर्वतों के सामने वाली ढ़ाल जिससे पवने सबसे पहले टकराती हैं को पवन सम्मुख ढ़ाल कहा जाता है। इसी ढ़ाल पर एडियाबेटिक ताप ह्रास के चलते वर्षा होती है।
  • पर्वतों के पीछे वाली ढ़ाल जिससे पवने बाद में उतरती हैं को पवन विमुख ढ़ाल। ये वाला क्षेत्र वृष्टि छाया प्रदेश कहलाता है।
  • तेलंगाना, विदर्भ(महाराष्ट्र) एवं उत्तरी कर्नाटक वाला क्षेत्र वृष्टि छाया क्षेत्र। यहां पर कटीली मोटी झाड़ियाँ पायी जाती है।
  • इसी कारण से गुजरात में भी दक्षिण-पश्चिमी मानसून से वर्षा नहीं हो पाती है। क्योंकि गुजरात का क्षेत्र गिर एवं माण्डव पहाड़ियों की वृष्टि छाया क्षेत्र में आता है।

ITCZ (Inter Tropical Conversion Zone) (अंतर उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र)

विषुवत रेखा पर सालभर तापमान अधिक रहता है जिस कारण यहां पर पवने गरम होकर उपर उठती है जिससे विषुवत रेखा पर एक निम्न दाब का क्षेत्र बन जाता है। इस निम्न दाब के क्षेत्र को भरने के लिए उत्तरी तथा दक्षिणी गोलार्ध से व्यापारिक पवने यहां पर आती है तथा टकराकर ऊपर उठ जाती है। अतः विषुवत रेखा के पास स्थित इस उच्च ताप की पेटी/क्षेत्र या निम्न वायु दाब की पेटी/क्षेत्र को ITCZ (अंतः ऊष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र) कहा जाता है। ये क्षेत्र (ITCZ) कर्क तथा मकर रेखा के मध्य सूर्य की स्थिति के अनुसार विचरण करता रहता है। ग्रीष्म ऋतु में ITCZ उत्तरी गोलार्ध में कर्क रेखा के पास तथा शीत ऋतु में जब सूर्य दक्षिणायन होता है तब ITCZ भी मकर रेखा की तरफ विस्थापित हो जाता है। ITCZ 35° उत्तरी अक्षांश से 35° दक्षिणी अक्षांश तक विचलन करता हैं।

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