धातु और अधातु में अंतर (धातु अधातु में अंतर)

धातु और अधातु में अंतर (धातु अधातु में अंतर)

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धातु किसे कहते हैं

धातु वह खनिज पदार्थ या तत्व होते हैं जो सामान्य अभिक्रिया में अपने परमाणुओं से एक या एक से अधिक इलेक्ट्रॉन को त्याग कर धनायन बनाने की प्रवृत्ति रखते हैं। धातुओं की तनन क्षमता अधिक होती है। धातु मुख्य रूप से ऊष्मा एवं विद्युत के बेहतर संचालक माने जाते हैं। यह अधिकतर ठोस अवस्था में पाए जाते हैं। भौतिकी में धातु को सामान्यतः किसी पदार्थ के रूप में जाना जाता है जो पूर्ण शून्य के तापमान पर भी बिजली का बेहतर रूप से संचालन करने में सक्षम होते हैं। यह एक रासायनिक तत्व भी हो सकते हैं।

धातु के प्रकार

धातु मुख्य रूप से कई प्रकार के होते हैं जैसे:-

  • लोहा
  • सोना
  • चाँदी
  • तांबा
  • पीतल
  • पोटेशियम
  • सोडियम

धातु का उपयोग

धातुओं का कई प्रकार से उपयोग किया जाता है जैसे:-

  • सोने या चाँदी एक प्रकार के धातु हैं जिनका उपयोग मुख्य रूप से आभूषण बनाने में किया जाता है।
  • कई प्रकार के खाद्य पदार्थों में एल्युमिनियम के वर्क का इस्तेमाल किया जाता है।
  • तांबे एवं एल्युमिनियम जैसी धातुओं का उपयोग विद्युत धारा को संचालित करने में किया जाता है।
  • लोहे का उपयोग भवन के निर्माण एवं कारखानों में मशीनें बनाने आदि कार्यों के लिए किया जाता है।
  • कंप्यूटर, मोबाइल फोन, सोलर सेल आदि जैसी वस्तुओं के निर्माण में सोने एवं चाँदी का उपयोग विद्युत संपर्क को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।

अधातु किसे कहते हैं

अधातु वह रासायनिक तत्व होते हैं जिनमें धातुओं के गुणों की कमी होती है। यह मुख्य रूप से एसिड ऑक्साइड, एसिड, आयनों, एवं स्थिर हाइड्रोजन यौगिकों का निर्माण करने में सक्षम होते हैं। अधातु वास्तव में वह पदार्थ होते हैं जो दिखने में बेहद नरम एवं मलीन होते हैं। यह ऊष्मा एवं विद्युत के कुचालक होते हैं जिनमें बिजली का संचालन नहीं किया जा सकता। इनमें किसी भी प्रकार का भौतिक या रासायनिक गुण नहीं होता है।

अधातु में किसी भी प्रकार की चमक नहीं होती है। यह सामान्य तापमान पर गैस या द्रवीय अवस्था में पाई जाती है। अधातु का विद्युत सामान्यतः ऋणावेशित होता है। यह किसी भी अवस्था में ध्वनि उत्पन्न नहीं कर सकते हैं।

अधातु के प्रकार

अधातु कई प्रकार के होते हैं जैसे:-

  • कार्बन
  • नाइट्रोजन
  • हीरा
  • बोरॉन
  • कोयला
  • ऑक्सीजन
  • सल्फर
  • फास्फोरस
  • हाइड्रोजन
  • भूयाति
  • हैलोजन

अधातु का उपयोग

अधातु का उपयोग निम्नलिखित है:-

  • सिल्वर नाइट्रेट एक ऐसा अधातु है जिसका उपयोग मुख्य रूप से फोटोग्राफी में किया जाता है।
  • क्लोरीन का उपयोग सार्वजनिक शौचालय एवं दूषित स्थानों पर कीटाणुओं को नष्ट करने के लिए किया जाता है।
  • कुछ अधातु का उपयोग आभूषणों के निर्माण कार्यों में भी किया जाता है।
  • सल्फर का उपयोग सल्फ्यूरिक एसिड बनाने में किया जाता है।
  • नाइट्रिक एसिड एक ऐसा अधातु है जिसका उपयोग नाइट्रेट एसिड बनाने में किया जाता है।

धातुओं तथा अधातुओं में मुख्य अंतर क्या है?

धातु एवं अधातुओं में निम्न प्रकार के अंतर देखे जा सकते हैं:-

  • प्रत्येक धातु में अपनी एक धात्विक चमक होती है परंतु अधातु में (ग्रेफाइट एवं आयोडीन के अलावा) किसी भी प्रकार की धात्विक चमक नहीं पाई जाती है।
  • सभी धातु (पारे को छोड़कर) साधारण तापमान पर ठोस अवस्था में होती है जबकि अधातु सामान्य तापमान पर गैसीय, द्रवीय एवं ठोस अवस्था में पाई जाती है।
  • धातु की गलनांक क्षमता अधिक होती है परंतु अधातु की गलनांक क्षमता (ग्रेफाइट को छोड़कर) बेहद कम होती है।
  • धातु मुख्य रूप से ठोस अवस्था में होती है परंतु अधातु गैसीय अवस्था में होती है।
  • धातु का क्वथनांक अत्यधिक होता है जबकि अधातु का क्वथनांक बेहद कम होता है।
  • प्रत्येक धातु में तन्यता का गुण देखा जा सकता है परंतु अधातु में तन्य का गुण नहीं होता बल्कि यह भंगुर होती है।
  • धातु का आपेक्षिक घनत्व (केवल सोडियम पोटेशियम को छोड़कर) अधिक होता है जबकि अधातु का आपेक्षिक घनत्व प्रायः कम होता है।
  • धातु ऊष्मा एवं विद्युत के बेहतर संचालक माने जाते हैं परंतु अधातु ऊष्मा और विद्युत के कुचालक होते हैं। अतः कुछ अधातुओं को छोड़कर किसी भी तत्व में बिजली का संचालन नहीं किया जा सकता।
  • धातु ऑक्सीजन के साथ मिलकर क्षारीय ऑक्साइड का निर्माण करते हैं परंतु अधातु ऑक्सीजन के साथ मिलकर अम्लीय ऑक्साइड का निर्माण करते हैं।
  • सोडियम एवं पोटेशियम को छोड़कर लगभग सभी धातु कठोर अवस्था में पाई जाती हैं जबकि हीरे को छोड़कर लगभग सभी अधातु नरम होते हैं।

धातु और अधातु में रासायनिक अंतर

धातु और अधातु के रसायनिक अंतर कुछ इस प्रकार है:-

  • धातुओं का संबंध उन खनिज पदार्थों से होता है जो कठोर, चमकदार, घने एवं अपारदर्शी होते हैं जबकि अधातु वह तत्व होते हैं जो नरम, पारदर्शी एवं कम चमकदार होते हैं।
  • सोडियम के अलावा लगभग सभी धातुएं कठोर अवस्था में होती है जबकि अधिकांश अधातुएँ (हीरे के अलावा) मुलायम अवस्था में होती है।

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