रक्त एवं लसीका क्या हैं, कार्य, प्रकार एवं अंतर

रक्त एवं लसीका क्या हैं, कार्य, प्रकार एवं अंतर

रक्त एवं लसीका क्या हैं, रक्त एवं लसीका के कार्य का वर्णन करें (रक्त और लसीका का कार्य क्या है?), रक्त और लसीका के प्रकार, रक्त और लसीका में अंतर आदि महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं।

रक्त एवं लसीका

रक्त (Blood) क्या है

रक्त वह द्रव्य तरल पदार्थ होता है जो रक्त वाहिकाओं में निरंतर प्रवाहित होता रहता है। रक्त का निर्माण तरल पदार्थ से हुआ है जिसे प्लाज्मा के नाम से जाना जाता है। इसमें विभिन्न प्रकार की कोशिकाएं होती हैं। रक्त में मुख्य रूप से लाल रक्त कोशिकाओं (RBC- Red Blood Cells) की उपस्थिति होती है जिनमें लाल वर्णन होता है जिसे हिमोग्लोबिन कहा जाता है। हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को एकत्रित करके शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंगों तक ले जाने का कार्य करता है। हिमोग्लोबिन के कारण ही रक्त का रंग लाल होता है। इसके अलावा रक्त में श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC- White Blood Cells) भी होती हैं जो कोशिकाओं से रोगाणुओं को नष्ट करने का कार्य करती हैं।

लसीका (Lymph) क्या है

लसीका एक अन्त:स्रवित द्रव है जो मानव की कोशिकाओं के बीच उपस्थित होता है। यह रक्त कोशिकाओं से बहकर शारीरिक प्रतिक्रियाओं के कारण कोशिकाओं की पतली दीवारों से छन कर बाहर निकलता है। बाहर निकले हुए इस रक्त को लसीका के नाम से जाना जाता है। लसीका रक्त प्लाज्मा की संरचना की तरह ही एक तरल पदार्थ होता है। यह मुख्य रूप से लसीका वाहिनियों में प्रवाहित होती है।

रक्त एवं लसीका के कार्य का वर्णन करें (रक्त और लसीका का कार्य क्या है?)

रक्त एवं लसीका दोनों ही शरीर में संचारित तरल पदार्थ हैं जो रक्त वाहिकाओं के माध्यम से शरीर में निरंतर बहते रहते हैं। रक्त फेफड़ों एवं ऊतकों तक ऑक्सीजन एवं पोषक तत्व का निर्वाहन करते हैं एवं यह शरीर के तापमान को नियंत्रित भी रखते हैं। इसके अलावा रक्त शरीर से अतिरिक्त रक्त हानि को रोकने हेतु रक्त के थक्के का निर्माण भी करता है। लसीका प्रतिरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण होती है जो शरीर को कई प्रकार की बीमारियों से रक्षा करने, शरीर के द्रव स्तर को बनाए रखने, पाचन तंत्र के वसा को अवशोषित करने एवं शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करती हैं। दरअसल, लसीका में तरल पदार्थ शामिल होते हैं जिनमें वसा एवं प्रोटीन की कम मात्रा पाई जाती है। यह शरीर को कई हानिकारक बीमारियों एवं संक्रमण से बचाने का भी कार्य करती हैं।

रक्त और लसीका के प्रकार ( Blood and Lymph types in hindi )

रक्त के प्रकार ( blood types in hindi )

रक्त सामान्य रूप से चार प्रकार के होते हैं जिन्हें रक्त समूह भी कहा जाता है। ए ग्रुप (A- Group), बी ग्रुप (B – Group), एबी ग्रुप (Ab – Group) एवं ओ ग्रुप (O – Group) रक्त के चार मुख्य समूह माने जाते हैं। इन रक्त समूह का संबंध सीधे तौर पर माता-पिता से होता है। रक्त में मुख्य रूप से लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं एवं प्लेटलेट्स मौजूद होते हैं जिन्हें प्लाज्मा कहा जाता है। रक्त के 45% भाग का निर्माण रक्त कोशिकाओं के द्वारा होता है जबकि रक्त का 55% भाग प्लाज्मा से बना होता है। प्रत्येक रक्त समूह में RhD पॉजिटिव या RhD नेगेटिव की उपस्थिति हो सकती है जिसके कारण इन रक्त समूहों की संख्या 8 हो जाती है।

रक्त समूह को कुछ इस प्रकार से वर्गीकृत किया गया है:-

रक्त समूह A (A Blood Group)

इस प्रकार के रक्त समूह में लाल रक्त कोशिकाओं पर एक एंटीजन होता है परंतु प्लाज्मा में एंटी-बी एंटीबॉडी की उपस्थिति होती है।

रक्त समूह B (Blood Group B)

इस प्रकार के रक्त समूह के प्लाज्मा में एंटी-ए एंटीबॉडी के साथ बी एंटीजन भी पाया जाता है।

रक्त समूह O (Blood Group O)

इस प्रकार के रक्त समूह में कोई भी एंटीजन नहीं पाया जाता परंतु इसके प्लाज्मा में एंटी-ए एंटीबॉडी एवं एंटी-बी एंटीबॉडी की उपस्थिति होती है।

रक्त समूह AB (Blood Group AB)

इस प्रकार के रक्त समूह में A एवं B दोनों एंटीजन पाए जाते हैं परंतु इनमें कोई भी एंटीबॉडी नहीं पाया जाता।

इसके अलावा अन्य 8 प्रकार के रक्त समूह के नाम कुछ इस प्रकार हैं A-पॉजिटिव, A-नेगेटिव, B-पॉजिटिव, B-नेगेटिव, AB-पॉजिटिव, AB-नेगेटिव, O-पॉजिटिव एवं O-नेगेटिव।

लसीका के प्रकार ( types of lymph in hindi )

लसीका मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं पहला अभिवाही लसीका एवं दूसरा अपवाही लसीका। अभिवाही लसीका मुख्य रूप से लिंफ नोड्स में पाई जाती हैं। यह अपवाही लसीका के विपरीत होती हैं जिनकी उपस्थिति थाइमस और प्लीहा में होती है। अपवाही लसीका वाहिकाएं मुख्य रूप से थाइमस एवं प्लीहा में पाई जाती है। यह अभिवाही लसीका के विपरीत होती हैं जो केवल लिम्फ नोड्स के साथ मिलकर पायी जाती हैं।

पढ़ें – ब्लड ग्रुप के प्रकार व महत्वपूर्ण तथ्य

रक्त और लसीका में अंतर ( Difference between Blood and Lymph in hindi )

रक्त एवं लसीका में कई प्रकार के अंतर होते हैं जो कुछ इस प्रकार हैं:-

  • रक्त शरीर में परिवहन तंत्र का निर्माण करता है जबकि लसीका केवल लसिका तंत्र का निर्माण करता है।
  • रक्त लाल रंग का होता है परंतु लसीका रंगहीन या हल्के पीले रंग का होता है।
  • रक्त में मुख्य रूप से लाल रक्त कोशिकाएं पाई जाती है जबकि लसीका में लाल रक्त कोशिकाएं नहीं पाया जाता।
  • रक्त में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या कम होती है परंतु लसीका में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या अधिक होती है।
  • रक्त में ऑक्सीजन की अधिक मात्रा पाई जाती है जबकि लसीका में ऑक्सीजन की कम मात्रा होती है।
  • रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड की कमी होती है जबकि लसीका में कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता होती है।
  • रक्त मुख्य रूप से वाहिनियों में प्रवाहित होती है परंतु लसीका कोशिकाओं के बीच के स्थानों में प्रवाहित होती है।
  • रक्त में प्रोटीन की अधिक मात्रा पाई जाती है जबकि लसीका में प्रोटीन की कम मात्रा पायी जाती है।
  • रक्त में ऑक्सीजन के साथ-साथ पोषक तत्व की भी अधिक मात्रा पाई जाती है परंतु लसीका में उत्सर्जित पदार्थों की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक होती है।
  • रक्त में अपशिष्ट पदार्थों की संख्या कम होती है जबकि लसीका में अपशिष्ट पदार्थों की अधिक मात्रा होती है।

प्रातिक्रिया दे

Your email address will not be published.

*