उत्तराखंड लोकसेवा आयोग सामान्य अध्ययन हल प्रश्नपत्र

उत्तराखंड लोकसेवा आयोग परीक्षा – 2012 सामान्य अध्ययन हल प्रश्नपत्र

141. अल्मोड़ा सिक्कों में उल्लिखित नाम हैं :
(a) शिवपाल, शिवपालित और हरिपाल
(b) शिवपालित, शिव और हरि
(c) शिवदत्त, शिवपालित और हरिदत्त
(d) शिवदत्त, शिवपालित और हरि

142. निम्नलिखित विकल्प, जिसमें राजा और उसकी राजधानी दी गई है. में से सही सुमेलित युग्म का चयन करें ।
(a)
सोमचंद – राज बुंगा
(b) कनकपाल – देवलगढ़
(c) अजयपाल – टिहरी
(d) मानशाह – चाँदपुर गढ़

143. गढ़वाल के इतिहास में नक्कटी राणी’ के नाम से कौन विख्यात थी ?
(a) गुलेरिया रानी
(b) कर्णावती रानी
(c) नेपालिया रानी
(d) कमलेन्दुमती रानी

144. गढ़वाल सर्व दलित परिषद् का गठन सन् 1928 ई. में किया था
(a) मोहनसिंह मेहता ने
(b) बद्रीदत्त पाण्डे ने
(c) जयानंद भारती ने
(d) हरगोविंदपंत ने

145. देहरादून में प्रजा मण्डल’ की स्थापना का उद्देश्य था
(a) ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करना ।
(b) गोरखा शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करना ।
(c) जनता को समाज सुधार हेतु संगठित करना ।
(d) जनता को टिहरी राज्य के कुशासन से मुक्त करना ।

146. निम्नलिखित कथन (A) और (B) को पढ़ें और नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर का चयन करें :
(A) विश्व के सभी भागों में ईस्वी पूर्व छठवीं शताब्दी एक महान् धार्मिक उथल-पुथल का काल था ।
(B) वैदिक धर्म बहुत जटिल हो चुका था ।
कूट:
(a)
दोनों (A) और (B) गलत हैं ।
(b) दोनों (A) और (B) सही हैं ।
(c) (A) सही है जबकि (B) गलत है ।
(d) (A) गलत है जबकि (B) सही है।

147. भागवत धर्म का ज्ञात सर्वप्रथम अभिलेखीय साक्ष्य है :
(a) समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति
(b) गौतमी बलश्री का नासिक अभिलेख
(c) बेसनगर का गरुड स्तम्भ
(d) धनदेव का अयोध्या अभिलेख

148. बौद्ध ग्रंथ ‘मिलिन्दपन्हों’ किस हिन्द-यवन शासक पर प्रकाश डालता है ?
(a) डायोडोरस II
(b) डेमेट्रियस
(c)
मिनेण्डर           
(d) स्ट्रेटो I

149. किस वैदिक ग्रंथ में ‘वर्ण’ शब्द का सर्वप्रथम नामोल्लेख मिलता है ?
(a) ऋग्वेद
(b) अथर्ववेद
(c)
सामवेद
(d) यजुर्वेद

150. गुप्त साम्राज्य के पतन के विभिन्न कारण थे । निम्नलिखित कथनों में कौन सा कारण नहीं था ?
(a) हूण आक्रमण
(b)
प्रशासन का सामंतीय ढाँचा
(c)
उत्तरवर्ती गुप्तों का बौद्ध धर्म स्वीकार करना
(d)
अरब आक्रमण

अन्य प्रश्नपत्र भी उपलब्ध हैं

2 Comments

प्रातिक्रिया दे

Your email address will not be published.

*