राष्ट्रकूट वंश

राष्ट्रकूट वंश (753-973 ई०): प्राप्त अभिलेख के अनुसार राष्ट्रकूट वंश का मूल निवास स्थान लाटूर जिले का बीदर माना गया है। किन्तु बाद में एलिचपुर (वर्तमान बरार) में इस वंश की स्थापना हुयीं। राष्ट्रकूट वंश का अपना स्वतंत्र शासन स्थापित करने से पूर्व राष्ट्रकूट बादामी के चालुक्यों के सामंत थे। rashtrakuta vansh upsc notes in… Keep Reading

पल्लव वंश

पल्लव राजवंश: पल्लव राजवंश की स्थापना की जानकारी में मतभेद है। अवशेषों के अनुसार कहा जा सकता है कि सातवाहन वंश के पतन के बाद ही इस वंश की स्थापना हुयी। कुछ इतिहासकार पल्लव वंश का संस्थापक बप्पदेव को मानते हैं जो आंध्र प्रदेश पर शासन करता था। पल्लव वंश की राजधानी कांची थी। इस… Keep Reading

चालुक्य वंश (बादामी/वातापी के चालुक्य – मुख्य शाखा)

चालुक्य वंश : चालुक्य वंश की मुख्यतः तीन शाखाएँ थी, पहली बादामी/वातापी के चालुक्य जिसे मूल शाखा भी कहा जाता है, दूसरी थी वेंगी के चालुक्य जिसे पूर्वी शाखा भी कहा जाता है और तीसरी थी कल्याणी के चालुक्य जिसे पश्चिमी शाखा भी कहा जाता है। Chalukya Dynasty in Hindi, chalukya vansh gk notes. चालुक्यों… Keep Reading

चौहान वंश

चौहान वंश : चौहान वंश की स्थापना वासुदेव द्वारा 551 ई0 में सपादलक्ष के क्षेत्र में की गयी थी। वासुदेव को ही चौहानों का आदि पुरूष भी कहा जाता है। संभार झील का बिजोलिया शिलालेख चौहान वंश की स्थापना के सम्बन्ध में जानकारी देता है। chauhan dynasty notes in hindi. चौहान वंश के प्रमुख राजाओं… Keep Reading

आंग्ल-सिख युद्ध

आंग्ल-सिख युद्ध: अंग्रेजों एवं सिखों के मध्य हुए दो युद्धों को आंग्ल-सिख युद्ध के रूप में सम्बोधित किया जाता है। ये युद्ध वर्ष 1845-1849 के मध्य लड़े गए थे। इन युद्धों के परिणामस्वरूप पंजाब में सिख साम्राज्य का अंत हुआ और संपूर्ण सिख क्षेत्र अंग्रेजी हुकूमत के अन्तर्गत आ गया। आंग्ल-सिख युद्ध notes in hindi.… Keep Reading

सिख साम्राज्य का उदय / सिखों का इतिहास

सिख साम्राज्य का उदय / सिखों का इतिहास: सिखों के दसवें व अंतिम गुरू गोविंद सिंह(1675-1699) ने खालसा पंथ की स्थापना की और गुरू प्रथा को समाप्त कर पांचवे गुरु अर्जुन देव द्वारा स्थापित “गुरू ग्रंथ साहिब” को ही अगला गुरू बताया। गुरू गोविंद सिंह की हत्या गुल खां नामक पठान ने 07 अक्तूबर 1708… Keep Reading

सिख धर्म के 10 गुरु

सिखों के 10 गुरु के नाम in hindi: सिख धर्म के 10 गुरु हुए हैं। गुरु नानक देव जी सिख धर्म के प्रवर्तक (जनक) थे इनके बाद 9 गुरु और हुए हैं। सिक्ख धर्म के दसवें व अंतिम गुरु गोविंद सिंह थे। सिखों के 10 गुरु के नाम in hindi में व उनसे जुड़ी प्रतियोगी… Keep Reading

आंग्ल-मराठा युद्ध

आंग्ल-मराठा युद्ध: भारत के इतिहास में तीन आंग्ल-मराठा युद्ध हुए हैं। प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध (1775-1782), द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1803-1806) और तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (1817-1818) के मध्य हुए। यह युद्ध अंग्रेजों और मराठा साम्राज्य के मध्य हुए। Anglo Maratha Yudh in Hindi. आंग्ल-मराठा युद्ध – NCERT based short notes in Hindi. आंग्ल-मराठा युद्ध भारत के इतिहास… Keep Reading

UKSSSC समूह ‘ग’ डाटा एण्ट्री ऑपरेटर / कनिष्ठ सहायक / अन्य 746 पदों पर सीधी भर्ती 2020

UKSSSC समूह ‘ग’ डाटा एण्ट्री ऑपरेटर / कनिष्ठ सहायक अन्य 746 पदों पर सीधी भर्ती 2020: UKSSSC उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा विभिन्न विभागों में समूह ‘ग’ के अन्तर्गत डाटा एण्ट्री ऑपरेटर / कनिष्ठ सहायक/ कनिष्ठ सहायक सह डाटा एण्ट्री ऑपरेटर के रिक्त 431 पदों, कनिष्ठ सहायक सह कम्प्यूटर डाटा एण्ट्री ऑपरेटर के 81… Keep Reading

खिलाफत आंदोलन, खिलाफत आंदोलन के मुख्य नेता और आंदोलन के परिणाम

खिलाफत आंदोलन, खिलाफत आंदोलन के मुख्य नेता और आंदोलन के परिणाम : खिलाफत आंदोलन, खिलाफत आंदोलन के मुख्य नेता, आंदोलन की समय सारणी और आंदोलन के परिणाम क्या रहे इसकी सम्पूर्ण जानकारी यहाँ दी गयी है। खिलाफत आंदोलन की पृष्ठभूमि ? खिलाफत आंदोलन की शुरुआत प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात हुई। प्रथम विश्व युद्ध(1914-1918) में… Keep Reading